कानपुर (उप्र), 28 फरवरी (भाषा) कानपुर में एक हाई प्रोफ़ाइल सड़क हादसे के बाद जब्त की गई लैम्बोर्गिनी रेवुएल्टो कार को शुक्रवार देर रात पुलिस हिरासत से उसके मालिक को सौंप दिया गया। इस हादसे में छह लोग घायल हो गए थे। अदालत ने 8.30 करोड़ रुपये के जमानत बॉण्ड के बदले इस कार सौंपने की अनुमति दी।
जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) दिलीप अवस्थी ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरज मिश्रा ने तंबाकू व्यवसायी के.के. मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा की लैम्बोर्गिनी रेवुएल्टो कार को सौंपने का आदेश पारित किया।
अवस्थी ने बताया, “अदालत ने वाहन सौंपने समय कड़ी शर्तें लगाईं, जिनमें कहा गया कि कार को बेचा या हस्तांतरित नहीं किया जा सकता, इसके रंग, इंजन नंबर या चेसिस नंबर में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता और मालिक को आवश्यकता पड़ने पर अपने खर्च पर वाहन को अदालत या जांच अधिकारी के समक्ष पेश करना होगा।”
अवस्थी ने आगे कहा कि किसी भी उल्लंघन की स्थिति में आवेदक को राज्य सरकार के पक्ष में पूरी जमानत राशि जमा करनी होगी।
आवश्यक जमानत और वचन पत्र जमा करने के बाद, अदालत के निर्देशों का पूरी तरह से पालन करते हुए वाहन को छोड़ दिया गया।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “आधी रात के कुछ ही समय बाद लैम्बोर्गिनी कार को ग्वालटोली पुलिस थाना से निकालकर घनी आबादी वाले इलाके में यातायात जाम से बचने के लिए एक ट्रेलर ट्रक पर लादकर ले जाया गया।”
बचाव पक्ष के वकील धर्मेंद्र सिंह उर्फ धर्मू ने पत्रकारों को बताया कि लगभग 7.5 करोड़ रुपये की जमानत राशि और लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य के दो वाहनों के दस्तावेज अदालत में जमा किए गए थे।
यह आवेदन आठ फरवरी को हुई दुर्घटना के तुरंत बाद मिश्रा के पावर ऑफ अटॉर्नी धारक सुनील कुमार के माध्यम से दायर किया गया था।
शिवम मिश्रा को 12 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन कुछ ही घंटों में उसे जमानत मिल गई क्योंकि उस पर लगे अपराधों की सजा सात साल से कम थी।
यह दुर्घटना पॉश ग्वालटोली इलाके के वीआईपी रोड पर हुई, जब कथित तौर पर तेज रफ्तार लैम्बोर्गिनी ने कई यात्रियों को टक्कर मार दी, जिससे छह लोग घायल हो गए, जिनमें चमनगंज निवासी मोहम्मद तौफीक, एक ई-रिक्शा चालक भी शामिल थे, जिन्हें गंभीर चोटें आईं।
पुलिस का कहना है कि शिवम मिश्रा वाहन चला रहा था, हालांकि बचाव पक्ष ने इस दावे का खंडन किया है।
इस बीच, घायल बाइकर विशाल त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि उनकी क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल अब भी पुलिस हिरासत में है, जबकि आरोपी की लग्जरी कार को छोड़ दिया गया है।
उन्होंने कहा, “मुझे मीडिया में आयी खबरों से पता चला कि लैम्बोर्गिनी को छोड़ दिया गया है, लेकिन मेरा वाहन अब भी पुलिस थाने में पड़ा है। मैं इसे छुड़ाने के लिए पुलिस से संपर्क करूंगा।”
भाषा सं. आनन्द
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