नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने सोमवार को कहा कि उन्होंने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक का कभी अपमान नहीं किया, बल्कि वह उनका बहुत सम्मान करते हैं।
दुबे ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘बीजू पटनायक के प्रति सम्मान में कभी कोई कमी नहीं रही। जब कांग्रेस ने बीजू बाबू के साथ अन्याय किया था, उस वक्त जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी ही उनके साथ खड़ी रही थी। मैंने उस दिन जो कहा था उसे मैं आज फिर से दोहराता हूं, वह यह है कि मैं नेहरू-गांधी परिवार और कांग्रेस की करतूतों को उजागर करने वाली एक सतत श्रृंखला चला रहा हूं।’
उन्होंने कहा, ‘मैंने बीजू बाबू पर क्या आरोप लगाया?…मैं नेहरू परिवार की करतूतों के बारे में बोल रहा था और मैंने बस इतना ही कहा। अगर इससे किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं केवल उन्हें अपनी बात समझाने की कोशिश कर सकता हूं।’’
दुबे ने कहा कि देश की सबसे बड़ी समस्या लोगों को क्षेत्र और जाति के चश्मे से देखने की प्रवृत्ति है और ऐसे में महान हस्तियों को भी संकीर्ण पहचान तक सीमित कर दिया गया है।
बीजू जनता दल (बीजद) ने दुबे की पटनायक के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में सोमवार को राज्यसभा से बहिर्गमन किया।
बीजद नेता सस्मित पात्रा ने ‘‘बीजू पटनायक के खिलाफ सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दिए गए अपमानजनक, झूठे और मनगढ़ंत बयानों के खिलाफ कड़ा विरोध’’ दर्ज कराते हुए संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय समिति से इस्तीफा दे दिया। दुबे इस समिति के प्रमुख हैं।
दुबे ने 27 मार्च को एक बयान में दावा किया था कि 1960 के दशक में चीन के खिलाफ युद्ध के दौरान पटनायक पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और (अमेरिकी खुफिया एजेंसी) सीआईए के बीच की कड़ी थे।
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