राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी को अद्यतन करने के बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया: रजिस्ट्रार जनरल

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राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी को अद्यतन करने के बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया: रजिस्ट्रार जनरल

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  • Publish Date - March 30, 2026 / 07:33 PM IST,
    Updated On - March 30, 2026 / 07:33 PM IST

नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार को कहा कि देश में निवासियों का व्यापक डेटाबेस तैयार करने वाली राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) को अद्यतन करने के बारे में अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।

एनपीआर पहली बार साल 2010 में तैयार किया गया था और इसे 2015 में अद्यतन किया गया था।

इसमें उन व्यक्तियों का विवरण शामिल है, जो किसी गांव या किसी कस्बे, वार्ड या किसी कस्बे के वार्ड के सीमांकित क्षेत्र (शहरी क्षेत्र) में रहते हैं।

एनपीआर के बारे में पूछे जाने पर नारायण ने कहा, “एनपीआर पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। हमने इस सिलसिले में कोई निर्देश जारी नहीं किया है।”

जनगणना वेबसाइट के मुताबिक, “आगामी जनगणना” के लिए मकान सूचीकरण और मकान के बारे में जानकारी संकलित करने के साथ-साथ एनपीआर को भी अद्यतन किया जाना था।

जनगणना 2027 का पहला चरण-मकान सूचीकरण और मकान के बारे में जानकारी संकलित करना, एक अप्रैल से शुरू होगा और 30 सितंबर तक चलेगा।

जनगणना वेबसाइट के अनुसार, “जन्म, मृत्यु और प्रवास के कारण होने वाले बदलावों को शामिल करने के लिए आगामी जनगणना में मकान सूचीकरण और मकान के बारे में जानकारी संकलित करने के साथ-साथ एनपीआर को भी अद्यतन किया जाएगा। एनपीआर का मकसद देश में स्थायी निवासियों का एक व्यापक डेटाबेस तैयार करना है। इस प्रक्रिया के दौरान कोई भी दस्तावेज एकत्र नहीं किया जाएगा।”

भाषा पारुल संतोष

संतोष