गुवाहाटी, 10 जुलाई (भाषा) असम के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अशोक सिंघल ने शुक्रवार को विधानसभा को बताया कि राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में अलग-अलग वर्गों में मंजूर किए गए पदों में से 28 प्रतिशत से अधिक पद खाली पड़े हैं।
कांग्रेस विधायक बेबी बेगम के एक सवाल के जवाब में सिंघल ने कहा कि राज्य में 14 सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल हैं, जिनमें कुल 14,754 स्वीकृत पद हैं और इनमें से 4,232 पद खाली हैं।
कांग्रेस विधायक आसिफ मोहम्मद नजर के एक और सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि खाली पदों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर के 297 पद शामिल हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं विधायक कमलाख्या डे पुरकायस्थ के सवाल के जवाब में सिंघल ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में रोजाना कुल 15,205 मरीजों का इलाज होता है।
उन्होंने बताया कि गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हर दिन 3,246 मरीज आते हैं जबकि डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में लगभग 1,800 और सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक दिन में करीब 1,500 मरीजों का इलाज होता है।
सिंघल ने बताया कि जोरहाट, बारपेटा और धुबरी के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में रोजाना 1,000 से अधिक मरीजों का इलाज किया जाता है।
कांग्रेस विधायक रेकिबुद्दीन अहमद के एक और सवाल का जवाब देते हुए सिंघल ने कहा कि राज्य के 14 मेडिकल कॉलेजों में हर साल 1,825 छात्र दाखिला ले सकते हैं। इनमें से सबसे पुराने दो संस्थानों – गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल तथा असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, डिब्रूगढ़ में हर साल सबसे अधिक 250 छात्र दाखिला लेते हैं।
सिंघल ने कहा कि 10 और मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों का निर्माण जारी है जिनमें से बोंगईगांव, विश्वनाथ और चराइदेव में बन रहे कॉलेजों का काम जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
भाषा सुरभि मनीषा
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