करोड़ों रुपये के संदिग्ध निवेश धोखाधड़ी मामले में निजी निवेश कंपनी का मालिक गिरफ्तार

Ads

करोड़ों रुपये के संदिग्ध निवेश धोखाधड़ी मामले में निजी निवेश कंपनी का मालिक गिरफ्तार

  •  
  • Publish Date - May 16, 2026 / 09:28 PM IST,
    Updated On - May 16, 2026 / 09:28 PM IST

बेलगावी (कर्नाटक), 16 मई (भाषा) करोड़ों रुपये के संदिग्ध निवेश धोखाधड़ी और कथित अनियमित वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई के बाद बेलगावी में एक निजी निवेश कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि ‘शिवम एसोसिएट्स’ के मालिक शिवानंद नीलन्नवर को आगे की जांच के लिए हिरासत में ले लिया गया है।

यह कार्रवाई बेलगावी जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा कंपनी से जुड़े एक संदिग्ध निवेश धोखाधड़ी का खुलासा किए जाने के बाद की गई है। कंपनी पर आरोप है कि उसने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) या भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से वैध अनुमोदन के बिना हजारों निवेशकों से धनराशि एकत्र की थी।

यहां पत्रकारों से बेलगावी पुलिस आयुक्त बोरसे भूषण गुलाबराव ने बताया कि ‘शिवम एसोसिएट्स’ की जांच की गई। उन्होंने बताया कि इस जांच के आधार पर शुक्रवार शाम को मालमारुति थाने में शिकायत दर्ज की गई।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है।

गुलाबराव ने कहा, ‘कंपनी के मालिक को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस जांच के लिए न्यायिक हिरासत के साथ-साथ पुलिस हिरासत भी मांगेगी।’

आयुक्त ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा माना जा रहा है कि लगभग 35,000 लोगों ने इस कंपनी में पैसा निवेश किया है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह कंपनी आरबीआई या सेबी के साथ पंजीकृत नहीं थी।

उन्होंने कहा कि इस चरण में, निवेशकों की सटीक संख्या और इसमें शामिल कुल राशि की पुष्टि नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि हालांकि, यह करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी होने का संदेह है और सटीक आंकड़ों का पता विस्तृत ऑडिट के बाद ही चल पाएगा।

बेलगावी के सहायक आयुक्त श्रवण नायक ने बताया कि उपायुक्त (मोहम्मद रोशन) के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग, सहकारी समिति विभाग और पुलिस के अधिकारियों ने ‘शिवम एसोसिएट्स’ में तलाशी ली और कंपनी के कार्यालय परिसर में दस्तावेजों और लैपटॉप की जांच की।

उन्होंने यहां पत्रकारों को बताया कि जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कंपनी कथित तौर पर आरबीआई या सेबी द्वारा निर्धारित नियामक मानदंडों का पालन किए बिना अनौपचारिक समझौतों के माध्यम से जनता से असुरक्षित ऋण वसूल रही थी।

भाषा

शुभम दिलीप

दिलीप