रैली से पहले पार्टी नेताओं को ‘नजरबंद’ किया गया : ममता बनर्जी

Ads

रैली से पहले पार्टी नेताओं को ‘नजरबंद’ किया गया : ममता बनर्जी

  •  
  • Publish Date - September 26, 2026 / 06:34 PM IST,
    Updated On - September 26, 2026 / 06:34 PM IST

कोलकाता, 26 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के गुट के नेताओं को श्रीरामपुर में एक रैली में शामिल होने से रोकने के लिए “नजरबंद” किया गया है ।

ममता का दावा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले मार्ग पर कब्जा कर लिया।

‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ की प्रमुख बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन्हें रैली के लिए जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी और उन्होंने पुलिस तथा भाजपा सरकार पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हो रहे “हमलों पर आंखें मूंद लेने” का आरोप लगाया।

बनर्जी ने रैली स्थल के लिए रवाना होने से पहले कहा, “हमें नजरबंद करके रखा गया है। मुझे रैली वाली जगह पर जाने की इजाजत नहीं है, लेकिन मैं जाऊंगी और रैली को संबोधित करूंगी। मुझे रोक सकें तो रोककर दिखाएं।’’

बनर्जी ने श्रीरामपुर पहुंचने के लिए उत्तरपाड़ा के बजाय डानकुनी और दिल्ली रोड का वैकल्पिक रास्ता चुना। उनके काफिले के साथ एक पुलिस वाहन भी देखा गया।

श्रीरामपुर जा रहे ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नेताओं पर हुए कथित हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया, “भाजपा के गुंडों ने रैली स्थल तक जाने वाले रास्ते पर कब्जा कर लिया है। वहां कोई पुलिसकर्मी नहीं है।”

‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ विधायक कुणाल घोष जब रैली में शामिल होने के लिए श्रीरामपुर जा रहे थे, तो उनकी कार पर कथित तौर पर पत्थर और अंडे फेंके गए। यह घटना उत्तरपाड़ा इलाके में हुई, जब काले झंडे लिये लोगों के एक समूह ने घोष की गाड़ी को घेर लिया और ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए।

इस घटना के बाद उत्तरपाड़ा में केंद्रीय बल तैनात किए गए, जहां से घोष श्रीरामपुर जा रहे थे।

बनर्जी ने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं “अत्याचार” के बराबर हैं।

उन्होंने कहा, “इस तरह के अत्याचार अफ्रीकी देशों में देखने को मिलते हैं। ऐसे अत्याचार तो भाजपा शासित उत्तर प्रदेश और बिहार में भी नहीं हो रहे हैं। फिर (यहां) सत्ताधारी भाजपा ने सड़कों पर इतना आतंक क्यों फैला रखा है?” बनर्जी ने कहा कि रैली होगी, क्योंकि अदालत ने इसकी इजाजत दी है।

उन्होंने कहा, “रैली अदालत की अनुमति से आयोजित की जा रही है। इसके सुचारू संचालन को सुनिश्चित करना पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन पुलिस ने इस पर आंखें मूंद ली हैं”।

ये घटनाक्रम पार्टी के उन आरोपों के बीच सामने आए हैं, जिनमें कहा गया है कि श्रीरामपुर रैली में जाते समय उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया।

यह रैली श्रीरामपुर कोर्ट मैदान में आयोजित की जानी थी। पुलिस से बैठक की अनुमति न मिलने के बाद पार्टी ने अदालत का रुख किया था।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, अदालत ने शाम को दो घंटों के लिए रैली करने की इजाजत दी थी, जिसमें अधिकतम 1,000 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी गयी थी।

पश्चिम बंगाल भाजपा ने बनर्जी के आरोपों को बेबुनियाद बताया।

पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा, “जब राज्य की जनता विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस को पहले ही नकार चुकी है, तो भाजपा उन पर हमला क्यों करेगी? घोष पर हुए हमले में भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता शामिल नहीं था।”

भाषा प्रशांत सुरेश

सुरेश