कोलकाता, 16 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को आरोप लगाया कि डायमंड हार्बर के लोग एक दशक पहले स्थानीय टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के राज्य की राजनीति में प्रवेश करने के बाद से अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे।
उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई को होने वाला पुनर्मतदान मतदाताओं के अधिकारों को बहाल करेगा।
फाल्टा में भाजपा कार्यकर्ताओं की रैली को संबोधित करते हुए अधिकारी ने भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों से अतिरिक्त विधानसभा क्षेत्र के लिए एक विशेष विकास पैकेज की घोषणा की।
मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी पहली राजनीतिक सभा में अधिकारी ने कहा, “फाल्टा में पुनर्मतदान के जरिये मतदाताओं के अधिकार बहाल होंगे, जहां लोग भतीजे (अभिषेक बनर्जी) के राजनीति में आने के बाद पिछले 10 वर्ष से वोट नहीं दे पा रहे थे।”
उन्होंने कहा, “अब हालात बदल चुके हैं। मैं फाल्टा के मतदाताओं से अपील करता हूं कि वे भाजपा उम्मीदवार को एक लाख से अधिक मतों के अंतर से जिताएं।”
अधिकारी ने हिंसा-मुक्त चुनाव की भी अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ नामक निजी कंपनी की संपत्तियों से संबंधित फाइल मिल गई हैं, जो कथित रूप से बनर्जी से जुड़ी हुई है।
अधिकारी ने कहा कि जल्द ही उनकी जांच शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा, “मैंने कोलकाता नगर निगम से फाइल मांगी थीं और मुझे दक्षिण 24 परगना जिले के आमतला में स्थित ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ के एक आलीशान कार्यालय समेत 24 संपत्तियों का विवरण मिल गया है। अब मेरे पास भतीजे की संपत्तियों की सूची है और जल्द ही मैं उनकी जांच शुरू कराऊंगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह “टीएमसी द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं पर किए गए अत्याचार” को भूले नहीं हैं।
अधिकारी ने कहा कि उन्होंने पुलिस को पुराने राजनीतिक अपराधों में प्राथमिकी दर्ज करने और केंद्रीय योजनाओं के धन के दुरुपयोग की शिकायतें दर्ज करने का निर्देश दिया है।
फाल्टा से टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें “नामित कुख्यात अपराधी” बताया और कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से उसके मामले को देखेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘तथाकथित पुष्पा अब मेरी जिम्मेदारी है।’’
निर्वाचन आयोग ने 29 अप्रैल को फाल्टा में हुए चुनाव को बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और ईवीएम से छेड़छाड़ तथा मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोपों के बाद रद्द कर दिया था।
भाषा जोहेब दिलीप
दिलीप