प्रधानमंत्री को छात्रों और एक ‘अक्षम’ मंत्री में से किसी एक का चयन करना होगा: सीजेपी संस्थापक दीपके

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प्रधानमंत्री को छात्रों और एक ‘अक्षम’ मंत्री में से किसी एक का चयन करना होगा: सीजेपी संस्थापक दीपके

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  • Publish Date - June 13, 2026 / 10:25 PM IST,
    Updated On - June 13, 2026 / 10:25 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

अमृतसर, 13 जून (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को अमृतसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को यह चयन करना होगा कि उनके लिए छात्र अधिक महत्वपूर्ण हैं या एक ‘अक्षम’ और ‘विफल’ मंत्री। यह विरोध प्रदर्शन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चलाए जा रहे दीपके के राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है।

छात्रों और युवाओं ने बड़ी संख्या में शहर के प्रवेश द्वार ‘गोल्डन गेट’ पर परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं और प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किए जा रहे सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

इसी तरह के विरोध प्रदर्शन इससे पहले दिल्ली, पुणे और लखनऊ में भी आयोजित किए गए थे।

दीपके ने कहा, ‘‘हम सभी 20 जून को दिल्ली जाएंगे और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक वहां डेरा डालेंगे। जेल जाने से मत डरो। जब मैं अमेरिका से भारत लौटा था, तब मैंने भी सोचा था कि मुझे जेल जाना पड़ेगा।’’

दीपके ने कहा कि मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और केंद्रीय माध्यमिक परीक्षा बोर्ड (सीबीएसई)के छात्रों को न्याय दिलाना है और जवाबदेही तय होनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र के लीक होने की घटनाओं को जारी नहीं रहने दिया जा सकता।

सीजेपी संस्थापक ने यह भी कहा कि पंजाब के समर्थन के बिना देश में कोई भी आंदोलन सफल नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा, ‘‘किसानों का (अब निरस्त हो चुके) कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन पंजाब से शुरू हुआ था। मैं प्रदर्शनकारियों में शामिल होने के लिए सिंघू बॉर्डर पर गया था। हमने देखा कि केंद्र ने आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कैसे की।’’

दीपके ने दोहराया कि परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जिम्मेदारी लेते हुए प्रधान को पद छोड़ना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक फैसला लेना होगा-या तो वे छात्रों के साथ खड़े हों या एक अक्षम और असफल मंत्री के साथ। उन्हें जल्द ही फैसला लेना होगा।’’

भाषा संतोष दिलीप

दिलीप