Prayagraj News | Photo Credit: IBC24 Customize
नई दिल्ली: Prayagraj News प्रयागराज में छिड़े धर्मयुद्ध की प्रयागराज में माघ मेले के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के गंगा स्नान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब शंकराचार्य की पदवी तक पहुंच गया है।
Prayagraj News मेला प्रशासन ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को एक नोटिस दिया था। जिसमें उसने सुप्रीम कोर्ट के 2022 के एक आदेश का हवाला देते हुए। सवाल किया कि वो पहले ये बताएं कि वो खुदको शंकराचार्य कैसे लिख रहे हैं और उनसे 24 घंटे के अंदर शंकराचार्य होने का सबूत मांग लिया, तो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी 8 पेज का जवाब दिया। जिसमें मानहानि की चेतावनी देते हुए। साफ कहा कि शंकराचार्य कौन है ये तय करने का अधिकार ना प्रशासन को है और ना ही सरकार को।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के गंगा स्नान को लेकर जारी विवाद पर धर्म गुरु और साधु-संतों की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। द्वारका की शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जहां अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में खड़े दिखे तो वही ग्वालियर प्रवास पर पहुंचे जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने विवाद के लिए अविमुक्तेश्वरानंद को ही जिम्मेदार ठहराया।
अब ये जंग सिर्फ प्रयागराज तक सीमित नहीं है। देशभर में संत समाज की अलग अलग प्रतिक्रियाएं है। अयोध्या में भी इस विवाद को लेकर संत लामबंद है। उनका क्या कहना है सुनिए।