राष्ट्रपति विज्ञान भवन में महिला विचारकों के सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगी

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राष्ट्रपति विज्ञान भवन में महिला विचारकों के सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगी

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  • Publish Date - February 28, 2026 / 07:01 PM IST,
    Updated On - February 28, 2026 / 07:01 PM IST

नयी दिल्ली, 28 फरवरी (भाषा) ‘भारती – नारी से नारायणी’ शीर्षक से महिला विचारकों का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन सात मार्च से यहां विज्ञान भवन में आयोजित किया जायेगा और इसकी अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता और महिला नेतृत्व वाले विकास पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

महिला विद्वानों, पेशेवरों और नेताओं को एक साथ लाने के उद्देश्य से, इस सम्मेलन का आयोजन राष्ट्र सेविका समिति, भारतीय विद्वत परिषद और शरण्या द्वारा किया जायेगा।

दिल्ली स्थित राष्ट्रीय सेविका समिति के मीडिया एवं प्रचार विभाग की प्रमुख रचना बाजपेयी ने कहा कि यह सम्मेलन राष्ट्र के भविष्य को आकार देने की दिशा में एक आवश्यक कदम है।

इस सम्मेलन में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर राहटकर के शामिल होने की उम्मीद है।

संवाददाता सम्मेलन को राष्ट्र सेविका समिति की सीता गायत्री अन्नदानम, शरण्या की अध्यक्ष अंजू आहूजा और भारतीय विद्वत परिषद की सचिव शिवानी वी ने संयुक्त रूप से संबोधित किया।

बाजपेयी ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों, व्यवसायों और पीढ़ियों की महिलाओं को आपस में जोड़ना है, ताकि सामूहिक ज्ञान का उपयोग किया जा सके और सार्थक सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन को गति दी जा सके।

शिवानी वी ने कहा कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को केवल मनाने के बजाय, आयोजकों ने महिला विचारकों को आमंत्रित करने का निर्णय लिया, ताकि महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास और महिला नेतृत्व वाले विकास के लिए ठोस उपायों पर विचार-विमर्श किया जा सके।

शिवानी ने कहा, ‘‘जब महिलाएं शिक्षित और सशक्त होती हैं, तब राष्ट्र सशक्त होता है। यह किसी एक संगठन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह देशभर की महिलाओं का सामूहिक प्रयास है, ताकि वे मिलकर ‘भारती’ के दृष्टिकोण को साकार कर सकें।’’

भाषा देवेंद्र दिलीप

दिलीप