नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण पर आधारित एक लेख का हवाला देते हुए मंगलवार को लोकसभा में एक बार फिर चीन के साथ सैन्य टकराव का मुद्दा उठाने का प्रयास किया, जिसके बाद सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक एवं हंगामा देखने को मिला।
हंगामे के कारण पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी को सदन की कार्यवाही दो बजकर 14 मिनट पर अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सदन में अलग-अलग विषयों पर सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे तक और फिर दो बजे तक के लिए स्थगित की गई थी।
सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे आरंभ होने पर पीठासीन सभापति ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेने के लिए नेता प्रतिपक्ष का नाम पुकारा। इसी मुद्दे पर हंगामे के कारण सोमवार को राहुल गांधी का भाषण पूरा नहीं हो सका था।
राहुल गांधी ने मंगलवार को नरवणे की पुस्तक पर आधारित लेख को सत्यापित करते हुए सदन के पटल पर रखा।
उनका कहना था, ‘‘मैं चाहता हूं कि इसे सत्यापित किया जाए, मैं इसे पटल पर रख रहा हूं।’’
कांग्रेस नेता ने लेख का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसका चीन तथा पाकिस्तान के साथ संबंध है और यह राष्ट्रपति के अभिभाषण का प्रमुख हिस्सा है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि जब आसन की ओर से व्यवस्था दी जा चुकी है तो फिर नेता प्रतिपक्ष को उस विषय का उल्लेख नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं के साथ हुई बैठक का हवाला दिया, जिस पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।
इसी दौरान विपक्ष के एक सदस्य ने एक शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर पीठासीन सभापति तेन्नेटी ने आपत्ति जताई।
राहुल गांधी की ओर से चीन का मुद्दा उठाए जाने पर पीठासीन सभापति ने अगले वक्ता के रूप में समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश उत्तम पटेल और फिर तृणमूल कांग्रेस की सांसद शताब्दी रॉय का नाम पुकारा। जब दोनों विपक्षी सांसद बोलने के लिए तैयार नहीं हुए तो उन्होंने राजग में घटक दल तेलुगू देसम पार्टी के सदस्य हरीश बालयोगी का नाम पुकारा।
बालयोगी ने बोलना शुरू ही किया था कि तेन्नेटी ने हंगामे के चलते अपराह्न तीन बजे तक के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी।
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