शिमला, 11 जून (भाषा) पश्चिम एशिया में होर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीक एक तेल टैंकर पर अमेरिका द्वारा किये गए हमले में मारे गए नाविक आदित्य शर्मा (23) के परिजनों ने बृहस्पतिवार को हिमाचल सरकार और केंद्र से शर्मा का शव स्वदेश लाने की अपील की।
परिवार ने कहा कि वह शर्मा का शव हमीरपुर स्थित उनके पैतृक गांव ‘गलोर’ लाया जाए, ताकि उनका अंतिम संस्कार किया जा सके।
आदित्य चालक दल के उन तीन सदस्यों में शामिल थे जिनकी मौत 10 जून को ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना की कार्रवाई में हुई थी। अमेरिकी सेना ने पलाऊ के ध्वज वाले जहाज ‘एमटी सेटेबेलो’ को निशाना बनाया था, क्योंकि उस पर ईरान से तेल ले जाने की कोशिश करके अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने का आरोप था।
तेल टैंकर पर हमले के समय चालक दल के 24 भारतीय सदस्य सवार थे, जिनमें से 21 को बचा लिया गया।
आदित्य डेक कैडेट प्रशिक्षु था और अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।
शर्मा की मौत से पूरी तरह टूट चुके परिवार के सदस्यों ने सवाल किया कि क्या उसे बचाने की पर्याप्त कोशिशें की गई थीं?
शर्मा के दादा अशोक ने कहा, ‘‘हम यह जानना चाहते हैं कि जब कैप्टन को आगे न बढ़ने की चेतावनी दी गई थी, तो उन्होंने किस हैसियत से जहाज़ को आगे बढ़ाया। हम पूरे प्रकरण की जांच चाहते हैं।’’
मृतक के चाचा संजीव ने बताया कि पहले आदित्य के लापता होने की खबर मिली जिसके बाद से ही परिवार अनहोनी की आशंका से घबराया हुआ था।
उन्होंने कहा, ‘‘बुधवार रात करीब नौ बजे मुझे भाई का फ़ोन आया कि आदित्य लापता है। मैं तुरंत जालंधर (पंजाब) में अपने भाई के घर पहुंचा। पूरी रात हमने आदित्य का पता लगाने के लिए कंपनी से संपर्क करने की कोशिश की। रात करीब 1.30 बजे हमें पता चला कि वह अब नहीं रहा।’’
संजीव ने बताया कि आदित्य मई में घर आने वाला था, लेकिन उसने एक और महीने तक जहाज पर ही रहने का फैसला किया।
उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने बच्चे का शव वापस लाने की अपील कर रहे हैं ताकि उसका अंतिम संस्कार कर सकें।’’
संजीव ने बताया कि उन्होंने हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और केंद्र सरकार से शव को जल्द वापस लाने का अनुरोध किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम यह भी जानना चाहते हैं कि हमले के समय रात में आदित्य इंजन के पास क्या कर रहा था, और क्या उसे बचाने की कोई कोशिश की गई थी।’’
आदित्य शर्मा की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि उन्होंने विदेश मंत्री जयशंकर से ओमान स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों और कंपनी से बात करने के लिए कहा है, ताकि उनके शव को जल्द से जल्द भारत लाया जा सके।
इस बीच,मुख्यमंत्री सुक्खू ने बृहस्पतिवार को एक बयान जारी कर आदित्य की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया और कहा कि राज्य सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने जिला प्रशासन को भी परिवार की यथा संभव मदद करने का निर्देश दिया।
भाषा
धीरज मनीषा
मनीषा