कोलकाता में कॉलेज के यूनियन कक्ष से दीमक लगे एक लाख रुपये से अधिक के नोट बरामद

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कोलकाता में कॉलेज के यूनियन कक्ष से दीमक लगे एक लाख रुपये से अधिक के नोट बरामद

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  • Publish Date - June 3, 2026 / 12:14 PM IST,
    Updated On - June 3, 2026 / 12:14 PM IST

कोलकाता, तीन जून (भाषा) मध्य कोलकाता के एक कॉलेज के यूनियन कक्ष में रखे दो सूटकेस से दीमक लगी एक लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई है। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बरामद नकदी में ज्यादातर 100 रुपये और 500 रुपये के नोट हैं। उन्होंने बताया कि यह नकदी मानसून से पहले परिसर की सफाई के दौरान मिली।

उन्होंने बताया कि हाल ही में नगर निकाय ने शैक्षणिक संस्थानों को वर्षा ऋतु से पहले अपने परिसरों की सफाई करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में सफाईकर्मी जब मध्य कोलकाता स्थित एक कॉलेज के यूनियन कक्ष में पहुंचे तो उन्हें वहां एक अलमारी में दो पुराने सूटकेस मिले।

अधिकारी ने कहा, ‘‘कॉलेज प्रशासन की मौजूदगी में जब सूटकेस खोले गए तो उनमें दीमक लगी नोट की गड्डियां मिलीं। नोट पुराने और बुरी तरह खराब हालत में थे।’’

सूचना मिलने पर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और दोनों सूटकेस तथा वहां से मिले कुछ दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिये।

अधिकारी ने कहा, ‘‘फिलहाल हम बरामद राशि की सटीक मात्रा और यह का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं ये सूटकेस वहां कब से रखे थे। यह भी जांच की जा रही है कि कमरे तक किसकी पहुंच थी और नकदी वहां कैसे रखी गई।’’

उन्होंने बताया कि सूटकेस कॉलेज के दिन और संध्या दोनों वर्गों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में खोले गए।

अधिकारी के अनुसार, ‘‘अधिकतर नोट क्षतिग्रस्त और गंदे हैं। उनकी विस्तृत सूची तैयार की जा रही है और सत्यापन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।’’

पुलिस ने कहा कि नकदी के स्रोत और उसे वहां रखने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।

इस बरामदगी को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक सजल घोष ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए इसे भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राशि कॉलेज यूनियन कक्ष में किसी की जानकारी के बिना कैसे रखी गई रह सकती है। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

कॉलेज प्रशासन की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

भाषा मनीषा अमित

अमित