टीवीके ने कावेरी मामले में द्रमुक पर साधा निशाना, कहा-तमिलनाडु के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा

टीवीके ने कावेरी मामले में द्रमुक पर साधा निशाना, कहा-तमिलनाडु के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा

टीवीके ने कावेरी मामले में द्रमुक पर साधा निशाना, कहा-तमिलनाडु के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा
Modified Date: July 30, 2026 / 10:29 pm IST
Published Date: July 30, 2026 10:29 pm IST

चेन्नई, 30 जुलाई (भाषा) सत्ताधारी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने बृहस्पतिवार को मेकेदातु संतुलन जलाशय परियोजना के मुद्दे पर तमिलनाडु सरकार की आलोचना करने के लिए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर पलटवार किया और कहा कि वह राज्य के अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगी।

विपक्षी द्रमुक ने कहा कि टीवीके इस तरह बात कर रही है जैसे कि पड़ोसी राज्य कर्नाटक की प्रस्तावित जलाशय परियोजना को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब उसके संस्थापक सी. जोसेफ विजय ने 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

टीवीके ने एक बयान में पूछा, ‘‘अगर ऐसा है तो क्या द्रमुक अप्रत्यक्ष रूप से यह मान रही है कि राज्य में अपने पांच साल के शासन के दौरान वह ‘सोती’ रही?’’ पार्टी ने पिछली द्रमुक सरकार पर तमिलनाडु के हितों की रक्षा करने में ‘विफल’ रहने का आरोप लगाया।

बयान में कहा गया है कि चुनावी हार के बावजूद द्रमुक नेता इस तरह बात कर रहे जैसे कि वे अब भी सत्ता में हैं। इसमें कहा गया, ‘‘इससे पता चलता है कि द्रमुक असलियत से कितनी दूर है। अगर उसने सत्ता में रहते हुए कदम उठाए होते, तो लोग उसे विपक्ष में नहीं भेजते। अपनी विफलताओं को स्वीकार करने के बजाय, द्रमुक निराशा, ईर्ष्या और सत्ता पाने की बेताबी से प्रेरित राजनीति में लगी हुई है।’’

द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने कहा कि टीवीके सरकार ने कई मामलों में किसानों को निराश किया है। इनमें फसल ऋण माफी, प्रस्तावित मेकेदातु संतुलित बांध के मुद्दे को संभालने का तरीका, मेट्टूर बांध खोलने में देरी जिससे कुरुवई धान की खेती पर असर पड़ा, और मेकेदातु विवाद पर सर्वदलीय बैठक बुलाने में देरी शामिल है।

उन्होंने घोषणा की कि द्रमुक तीन अगस्त को तंजावुर में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी। वे मांग करेंगे कि सरकार कावेरी के पानी पर तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए और कावेरी डेल्टा के किसानों के लिए एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा करे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज करने से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होंगे।

भाषा संतोष प्रशांत

प्रशांत


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