देहरादून (उत्तराखंड)/नहान (हिप्र), 27 जून (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को निहंग समुदाय के प्रदर्शनकारी सदस्यों को शांत कराने के लिए दखल दिया।
ये सदस्य कर्णप्रयाग में हुई झड़प के विरोध में उत्तराखंड तक मार्च करने की धमकी दे रहे थे। इसी बीच, इस मामले में गिरफ्तार किए गए चार निहंगों को ज़मानत मिल गई।
सैनी के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी ने मीडिया को बताया कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात के बाद, मुख्यमंत्री ने फ़ोन पर उत्तराखंड के अपने समकक्ष पुष्कर सिंह धामी से बात की और उनसे इस मुद्दे का जल्द एवं शांतिपूर्ण समाधान निकालने का आग्रह किया।
वह हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में पोंटा साहिब गुरुद्वारे में जमा हुए सिख समूहों के साथ बातचीत के बाद बोल रहे थे। निहंगों ने शुक्रवार को उत्तराखंड के लिए अपना मार्च दो दिन के लिए टाल दिया और वे गुरुद्वारे में डेरा डाले हुए हैं। उनमें से कई पंजाब और हरियाणा से आए हैं।
हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर निहंगों को पुलिस ने रोक दिया था, जिससे वहां गतिरोध पैदा हो गया था।
उनके नेता जगदीप सिंह अकाली के अनुसार, उत्तराखंड प्रशासन के साथ बातचीत के बाद यह गतिरोध खत्म हो गया। प्रशासन ने उनकी मांगें पूरी करने का वादा किया, जिसमें गिरफ्तार निहंगों की रिहाई भी शामिल थी।
शनिवार को दो राज्यों से सिख समुदाय के और सदस्य पोंटा साहिब गुरुद्वारे पहुँचे।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल के उनसे मिलने के बाद, सैनी ने भंडारी को पोंटा साहिब गुरुद्वारे भेजा, जहां उन्होंने कई सिख जत्थों से मुलाक़ात की। उन्होंने सरकार का पक्ष रखा और इस मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री की कोशिशों के बारे में बताया।
भाषा
राजकुमार नेत्रपाल
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