भुवनेश्वर, 15 अगस्त (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को युवाओं को सलाह दी कि वे उन ‘‘बाहरी ताकतों’’ के प्रभाव में आने के बजाय अपने करियर पर ध्यान दें, जो भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में नहीं देखना चाहतीं। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही कर सकते हैं।
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पांच बड़ी घोषणाएं कीं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण राज्य सिविल सेवा परीक्षा में अधिकतम छह प्रयासों की सीमा समाप्त करना है। अब अभ्यर्थी ऊपरी आयु सीमा तक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
उन्होंने सरकारी कर्मचारियों की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति, अगले दो से तीन वर्षों में तीन लाख रोजगार के अवसर, और अगले पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर 20 लाख तक पहुंचाने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कुछ बाहरी ताकतें देश के युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रही हैं, क्योंकि वे भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में नहीं देखना चाहतीं।’’
युवाओं को विकसित भारत के निर्माण का प्रमुख आधार बताते हुए माझी ने कहा, ‘‘इसलिए किसी के बहकावे में मत आइए और अपने करियर पर ध्यान दीजिए, यही आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए।’’
इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि सरकारी स्कूलों में नौवीं कक्षा और 10वीं कक्षा के छात्रों को भी कक्षा आठ तक की तरह मुफ्त पाठ्यपुस्तकें दी जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने किसानों को राज्य का ‘‘अन्नदाता’’ बताते हुए कहा कि उनकी आय बढ़ाए बिना ओडिशा की अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती।
भाषा गोला रंजन
रंजन