Twisha Case Supreme Court Hearing : क्या सास गिरीबाला सिंह नहीं चाहती त्विशा की मौत का सच सामने आए? सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा-डाल रही जांच में अड़चन

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बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान जांच प्रक्रिया पर गंभीर टिप्पणी करते हुए निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। CJI सूर्यकांत ने मामले को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि जांच में किसी भी तरह की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। कोर्ट ने मीडिया और परिजनों से भी संयम बरतने और जांच एजेंसी के सामने ही बयान दर्ज कराने की अपील की है।

  • Reported By: Vijendra Pandey

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  • Publish Date - May 25, 2026 / 12:32 PM IST,
    Updated On - May 25, 2026 / 12:36 PM IST
HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट ने त्विषा शर्मा केस में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
  • CJI सूर्यकांत ने जांच में अड़चन डालने को लेकर कड़ी टिप्पणी की।
  • कोर्ट ने मीडिया और परिजनों से प्रीमेच्योर बयानबाजी से बचने की अपील की।

भोपाल : Twisha Case Supreme Court Hearing :  बहुचर्चित त्विषा मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई हुई है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मामले की जांच को लेकर गंभीर टिप्पणियां की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है, साथ ही राज्य सरकार को केस को ट्रांसफर करने के निर्देश भी दिए हैं।

त्विषा की सास जांच में डाल रही हैंअड़चन

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने इस मामले को लेकर गहरी नाराजगी और दुख व्यक्त किया। कोर्ट ने कहा, “जिस तरह से इस मामले को हैंडल किया गया है, उस पर हमें दुख है।” सुप्रीम कोर्ट ने जांच की स्थिति पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि त्विषा की सास इस पूरी जांच में अड़चन डाल रही हैं। किसी भी संवेदनशील मामले में न्याय प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है, इसलिए जांच एजेंसियों को बिना किसी दबाव और पक्षपात के काम करना चाहिए ताकि असली सच्चाई सामने आ सके। जो भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है, उसमें यह हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से हो।

आरोपियों का इंटरव्यू क्यों किया जा रहा है?

इसके साथ ही कोर्ट ने मीडिया की भूमिका और लगातार हो रही बयानबाजी को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। CJI सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए पूछा कि आखिर आरोपियों का इंटरव्यू क्यों किया जा रहा है?  इसके साथ ही उन्होंने कहा की हम मीडिया से अनुरोध करेंगे कि वो परिजनों के बयान के आधार पर मामले को तय न करें साथ ही उन्होंने से मीडिया से ये भी अपील की है की वो पीड़ित परिवारों के बयान ना लें। इसके साथ ही उन्होंने मामले से जुड़े सभी पक्षों को प्रीमेच्योर बयान बाजी ना करने को कहा है। कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि परिजनों और गवाहों को जो भी बयान देने हैं, वे सीधे जांच एजेंसी के सामने ही दर्ज कराएं ताकि जांच पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।

Twisha Sharma Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने मामले में लिया स्वत: संज्ञान

आपको बता दें की भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा की कथित मौत के मामले में स्वत: संज्ञान लिया था । (Twisha Sharma Supreme Court suo motu) कोर्ट ने इस मामले को “युवती की संदिग्ध मौत और जांच में कथित पक्षपात” से जुड़ा मामला बताते हुए सुनवाई के लिए दर्ज किया है। बता दें की इस पूरे मामले में त्विषा के पति और ससुराल पक्ष पर जांच को प्रभावित करने के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं।

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