भोपाल, एक जुलाई (भाषा) कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई ने बुधवार को राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच पूरे क्षेत्र में ‘मार्शल लॉ’ लागू करके सेना से कराने की मांग की।
पार्टी ने साथ ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वर्तमान समिति को भंग करने की भी मांग उठाई।
पूर्व मंत्री पी सी शर्मा और प्रदेश सचिव विक्रम मस्ताल ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उक्त मांगें की और अब तक की जांच को दिखावा करार दिया।
पार्टी नेताओं ने कहा कि अब तक केवल पैसे गिनने वाले छोटे कर्मचारियों पर ही कार्रवाई की गाज गिरी है और दिखावे के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) तो गठित कर दी गई है, लेकिन मुख्य दोषियों के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
उन्होंने कहा, ‘इस संवेदनशील मामले में सामान्य जांच एजेंसियां निष्पक्ष काम नहीं कर पाएंगी। इसलिए कांग्रेस मांग करती है कि पूरे क्षेत्र में ‘मार्शल लॉ’ लगाकर राम मंदिर घोटाले की जांच मिलिट्री (सेना) के सुपुर्द की जाए।’
उन्होंने कहा, ‘सेना ही पूरी निष्पक्षता से जांच करके इन बड़े दोषियों को बेनकाब करके उन्हें जेल और फांसी के फंदे तक पहुंचा सकती है।’
पार्टी नेताओं ने कहा इस प्रकार की जांच जरूरी है ताकि देश के करोड़ों सनातनियों और रामभक्तों की आस्था के साथ हुआ यह ‘क्रूर मजाक’ बंद हो सके और दोषियों को कठोरतम दंड मिले।
मस्ताल ने कहा कि देश में आज केवल फौज पर ही जनता का अटूट विश्वास शेष है। उन्होंने कहा, ‘जिस प्रकार नीट जैसे बड़े घोटालों में फौज की व्यवस्था और सुरक्षा का सहारा लिया गया, उसी प्रकार इस चंदा चोरी महाघोटाले की जांच भी फौज को दी जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।’
शर्मा ने कहा कि वर्तमान जांच में केवल छोटे कर्मचारियों और गिनती करने वाले गुर्गों को पकड़कर औपचारिकता पूरी की जा रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या महज पैसे गिनने वाले लोग इतना बड़ा घोटाला कर सकते हैं?
उन्होंने यह भी सवाल किया कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय जैसे बड़े ओहदेदारों पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई और मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक सब मूकदर्शक क्यों बने बैठे हैं।
मस्ताल ने कहा कि राम मंदिर न्यास की वर्तमान समिति को अविलंब भंग किया जाए क्योंकि यह पूरी तरह से अपनी शुचिता खो चुकी है।
भाषा ब्रजेन्द्र अमित
अमित