Reported By: Dharam Goutam
,Jabalpur Crime News | Photo Credit: IBC24
जबलपुर: कहते हैं कि इश्क अंधा होता है और जब यह इश्क़ का परवान चढ़ता है तो फिर इंसान यह भी नहीं सोच पाता कि ये इश्क दुनिया को गवारा होगा या नहीं। ऐसा ही कुछ हुआ जबलपुर में, जहां बहन का गांव के ही लड़के से इश्क लड़ाना भाई को नागवार गुजरा। जिसेक बाद भाई ने बहन के के खिलाफ साजिश रची और उसकी हत्या कर दी।
मिली जानकारी के अनुसार, मामला जबलपुर के बरगी थाना क्षेत्र अंतर्गत बीझा गांव का है। जहां गांव के समीप घने जंगल के बीच 20 अगस्त को एक शव मिला। शव मिलने की सूचना लगी तो पुलिस मौके पर पहुंची, शव की हालात इतनी खराब थी कि पहचान करना तो दूर उसके आसपास खड़े होना भी मुश्किल था। आसपास के गांवों और थाना क्षेत्र में पूछताछ की गई, लेकिन शव की पहचान नहीं हो सकी तो पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वहीं काफी खोजबीन के बाद मृतक की पहचान सिवनी जिला निवासी सत्येंद्र उईके के रुप में हुई। जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट परिजनों ने सिवनी में दर्ज कराई थी। करीब एक हफ्ते बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस के शक को हकीकत में बदल दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवक की मौत गला घुटने से हुई है। जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू की और सबसे पहले मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली।
मृतक की कॉल डिटेल में सचिन यादव नामक एक लड़के से मृतक की बात होना सामने आया। जिसके बाद पुलिस टीम ने सचिन यादव को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो इस अंधे हत्याकांड की सारी कहानी साफ हो गई। सचिन ने पुलिस को बताया कि उसने आशीष धुर्वे के कहने पर 15 अगस्त को सत्येंद्र को मंडला घूमने जाने के बहाने अपने एक अन्य साथी ब्रजेश के साथ लेकर बरगी के बीझा गांव के समीप जंगल में पहुंचा था। जहां आशीष, शिवदीन और हेमराज पहले से मौजूद थे और सभी ने मिलकर सत्येंद्र से मारपीट की और गला दबाकर हत्या कर दी।
लाश को घने जंगल में छोड़कर पांचों मौके से फरार हो गए थे। आशीष ने सत्येंद्र को कई बार बहन से बात करने से मना किया था और दोनों के बीच कई बार विवाद भी हुआ था और जब सत्येंद्र और बहन के बीच बातचीत बंद नहीं हुई तो आशीष ने इस हत्याकांड की साजिश रची थी।
फिलहाल पुलिस ने हत्याकांड के एक आरोपी सचिन यादव को गिरफ्तार कर लिया है साथ ही घटना के मुख्य आरोपी समेत चारों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। बहन का इश्क भाई को इस तरह नागवार गुजरा कि कई बार समझाने के बाद जब बहन का प्रेमी नहीं माना तो बड़ी चालाकी से उसे मौत के घाट उतार दिया, लेकिन उसे मालूम नहीं था कि अपराध जब भी होता है अपने पीछे उसकी गवाही के सबूत भी छूट ही जाते हैं।