Jabalpur NH 45 Bridge Collapse: 400 करोड़ की लागत से बना एमपी का ये ब्रिज दूसरी दफा भरभराया, राहगीरों के लिए बना मौत का फंदा, ‘गारंटी पीरियड’ तक भी नहीं टिक सका

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Jabalpur NH 45 Bridge Collapse: मध्यप्रदेश के जबलपुर से भोपाल को जोड़ने वाली नेशनल हाईवे 45 पर रविवार को शाहपुरा ब्रिज का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे के समय सौभाग्य रहा कि उस स्थान पर कोई वाहन नहीं था, अन्यथा बड़ा नुकसान हो सकता था।

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  • Publish Date - February 23, 2026 / 03:41 PM IST,
    Updated On - February 23, 2026 / 03:44 PM IST

jabalpur bridge/ image source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • शाहपुरा ब्रिज का हिस्सा गिरा
  • दिसंबर में भी टूट चुका था
  • मरम्मत का काम अधूरा रहा

Jabalpur NH 45 Bridge Collapse: जबलपुर: मध्यप्रदेश के जबलपुर से भोपाल को जोड़ने वाली नेशनल हाईवे 45 पर रविवार को शाहपुरा ब्रिज का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे के समय सौभाग्य रहा कि उस स्थान पर कोई वाहन नहीं था, अन्यथा बड़ा नुकसान हो सकता था। गिरा हुआ हिस्सा देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे किसी भूकंप के कारण जमीन धंस गई हो। यह ब्रिज रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बना है और उसकी स्थिति अब काफी खतरनाक हो गई है। दिसंबर महीने में इसी ब्रिज का दूसरा हिस्सा भी टूटकर गिरा था, जिसके बाद उस हिस्से की मरम्मत का काम चल रहा था।

Shahpura Bridge Collapse MP: ब्रिज के टूटने के बाद वाहनों को शाहपुरा के अंदर से डायवर्ट किया गया

ब्रिज के टूटने के बाद वाहनों को शाहपुरा के अंदर से डायवर्ट किया गया। कुछ वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकालना पड़ा। यह ब्रिज जबलपुर से लगभग 30-35 किलोमीटर दूर है और निर्माण के केवल पांच साल बाद ही इस तरह ढहने की घटना सामने आई। दिसंबर में टूटे हिस्से की मरम्मत जारी थी, लेकिन जिस हिस्से पर वाहन चल रहे थे, वहीं रविवार को भरभराकर गिर गया। गिरा हुआ हिस्सा ऊपर से देखने पर खाई जैसा प्रतीत हो रहा था और नीचे से यह बेहद खतरनाक दिखाई दे रहा था।

NH-45 traffic update: एक हिस्सा पहले से भरभराया हुआ

जबलपुर में शाहपुरा ब्रिज का दूसरा हिस्सा दिसंबर में पहले ही भरभराकर गिर चुका था, जिसके बाद उस हिस्से की मरम्मत का काम चल रहा था और वहां से आवागमन पूरी तरह बंद था। अधिकारियों ने वाहन चलाने के लिए ब्रिज के दूसरे हिस्से को चालू रखा था, लेकिन रविवार को वही हिस्सा भी धंस गया और बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। ऊपर से देखने पर यह खाई जैसा प्रतीत हो रहा था और नीचे से इसकी स्थिति अत्यंत खतरनाक दिखाई दे रही थी, जिससे वहां सुरक्षा गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

Bridge Collapse MP: MPRDC की देखरेख में हुआ सड़का का निर्माण

इस हाईवे का निर्माण मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) की देखरेख में हुआ था। 54 किलोमीटर लंबे इस अंधमूक बायपास और फ्लाईओवर पर पैकेज-1 के तहत करीब 628.45 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। निर्माण कार्य नवंबर 2015 में शुरू हुआ और जनवरी 2020 में इसे पूरा घोषित किया गया। हैरानी की बात यह है कि ब्रिज अभी अपने गारंटी पीरियड में था, लेकिन सड़क पर बड़ी दरारें और अब ब्रिज का गिरना घटिया निर्माण सामग्री और घटिया निर्माण गुणवत्ता की ओर इशारा कर रहा है।

एनएच-45 पर ब्रिज निर्माण करने वाली एजेंसियों मेसर्स बागड़ इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और मेसर्स सोराठिया को खराब गुणवत्ता के कारण पिछले महीने ही ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। इस हाईवे पर पिछले पांच सालों से टोल वसूल किया जा रहा था, लेकिन अभी तक इसे एनएचएआई को हैंडओवर नहीं किया गया। अधिकारियों के अनुसार, हैंडओवर न होने का कारण निर्माण गुणवत्ता की खामियां हैं, जिनका खामियाजा आम जनता भुगत रही है।

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