MP Politics: सरकार गिरने की बात को लेकर भिड़े MP के दो दिग्गज कांग्रेस नेता! दिग्गी ने 5 साल बाद खोला ये बड़ा राज, कलमनाथ ने ऐसे किया बचाव

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सरकार गिरने की बात को लेकर भिड़े MP के दो दिग्गज कांग्रेस नेता! Kamal Nath and Digvijay Singh clashed over the issue of government collapse

  • Reported By: Naveen Singh

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  • Publish Date - August 24, 2025 / 10:53 PM IST,
    Updated On - August 25, 2025 / 12:11 AM IST

भोपालः MP Politics: मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार गिरने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के खुलासे के बाद सियासत गर्म हो गई है। एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में दिग्विजय ने कमलनाथ को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा किकमलनाथ ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की वो मांग नहीं मानी, जिस पर डिनर के दौरान सहमति बनी थी। इसी कारण सरकार गिर गई। अब इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पलटवार किया है।

MP Politics: कमलनाथ ने X पर लिखा कि मध्य प्रदेश में 2020 में मेरे नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिरने को लेकर हाल ही में कुछ बयानबाजी की गई है। मैं सिर्फ़ इतना कहना चाहता हूँ कि पुरानी बातें उखाड़ने से कोई फ़ायदा नहीं। लेकिन यह सच है कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया को यह लगता था कि सरकार दिग्विजय सिंह चला रहे हैं। इसी नाराज़गी में उन्होंने कांग्रेस के विधायकों को तोड़ा और हमारी सरकार गिरायी।

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दिग्विजय सिंह किया ये भी दावा

दिग्विजय सिंह ने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में ये दावा किया कि एमपी में कांग्रेस की सरकार गिरने की वजह सिंधिया और कमलनाथ के बीच की अदावत थी। ग्वालियर चंबल के राजनैतिक मुद्दों को लेकर दोनों नेताओं के बीच तल्खी थी। एक बिजनेसमैन के घर डिनर के दौरान सिंधिया-कमलनाथ में सुलह की कोशिश हुई थी। लिखित में कुछ मुद्दों पर सहमति बनी थी, लेकिन कमलनाथ ने उन मुद्दों को नज़रअंदाज कर दिया और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने विधायकों के साथ कांग्रेस से बगावत कर दी।

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15 महीने में गिर गई थी कमलनाथ की सरकार

मध्य प्रदेश में 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया था और 15 साल के लंबे इंतजार के बाद सत्ता में वापसी की थी। पार्टी ने तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया था। हालांकि, अंदरखाने नाराजगी की खबरें आती रहीं। इस बीच, 15 महीने बाद सिंधिया ने बगावत कर दी और बीजेपी में शामिल हो गए। कई विधायकों ने भी कांग्रेस छोड़ दी और सिंधिया खेमे में चले गए। जिससे कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई और कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा।