मध्यप्रदेश में पूर्व अग्निवीरों को वर्दी वाली सेवाओं में 20 फीसदी आरक्षण देने का फैसला

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मध्यप्रदेश में पूर्व अग्निवीरों को वर्दी वाली सेवाओं में 20 फीसदी आरक्षण देने का फैसला

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  • Publish Date - September 29, 2026 / 08:03 PM IST,
    Updated On - September 29, 2026 / 08:03 PM IST

भोपाल, 29 सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को वर्दी वाली सेवाओं में 20 फीसदी आरक्षण देने का मंगलवार को फैसला किया। इसके साथ ही उसने राज्य के समग्र विकास और जनकल्याण को गति देने के लिए 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं को मंजूरी दी।

ये फैसले मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में यहां राज्य सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किए गए।

एक अधिकारी ने बताया कि युवाओं के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वनरक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दी वाली सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी आरक्षण देने को मंजूरी दी गई।

अधिकारी के मुताबिक, गृह विभाग के तहत आरक्षक (सामान्य ड्यूटी) के पदों पर भर्ती में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा।

उन्होंने बताया कि विशेष सशस्त्र बल में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

अधिकारी के अनुसार, कारागार विभाग के तहत जेल प्रहरियों की नियुक्ति में होमगार्ड को 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों को पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वनरक्षकों की नियुक्ति में भी होमगार्ड के लिए 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा।

अधिकारी ने बताया कि वाणिज्यिक कर विभाग के तहत आबकारी आरक्षकों की नियुक्ति में होमगार्ड को 10 फीसदी, पूर्व सैनिकों को पांच फीसदी और पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया गया है।

उन्होंने बताया कि हॉरिजॉन्टल आरक्षण सभी श्रेणियों यानी सामान्य वर्ग के साथ-साथ अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में लागू होता है।

केंद्र की ओर से 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत सशस्त्र बलों में भर्ती होने वाले अग्निवीरों की सेवा अवधि चार वर्ष है, जिसमें छह महीने का प्रशिक्षण शामिल है। योजना के तहत 25 फीसदी अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में बनाए रखने का प्रावधान है, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को सेवा से मुक्त किया जाता है।

मंत्रिमंडल ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए अगले पांच वर्षों (2026-27 से 2030-31) में 76,000 से अधिक अतिथि शिक्षकों को मानदेय देने के लिए 5,329.17 करोड़ रुपये मंजूर किए। इसके अलावा, स्कूल वर्दी के लिए 348.7 करोड़ रुपये तथा स्वास्थ्य केंद्रों और औषधि नियंत्रण के लिए 3,245.8 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।

बुनियादी ढांचे के विस्तार के तहत 4,470.30 करोड़ रुपये की लागत से दमोह-कटनी चार लेन सड़क के निर्माण तथा ग्रामीण विकास निधि के लिए 3,580.22 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गई।

अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले को देखते हुए दतिया, नीमच और सागर में प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं तथा उज्जैन में कान्ह डायवर्जन परियोजना को जारी रखने को भी मंजूरी दी गई है।

उन्होंने कहा कि इन फैसलों से रोजगार सृजन को गति मिलने के साथ ही बुनियादी ढांचे का विस्तार और सामाजिक कल्याण योजनाएं मजबूत होंगी।

मंत्रिमंडल ने सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के छात्रों को स्कूल वर्दी के लिए 348.7 करोड़ रुपये की सहायता सीधे लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये देने का फैसला किया। यह राशि चालू शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्रों या उनके अभिभावकों के बैंक खातों में सीधे अंतरित की जाएगी।

अधिकारी ने बताया कि राज्य के सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में स्वीकृत विषयमान के अनुसार रिक्त शिक्षक पदों पर अतिथि शिक्षकों के माध्यम से व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में 76,000 से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं।

भाषा

दिमो पारुल

पारुल