भोपाल, 29 सितंबर (भाषा) लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक अक्टूबर को मध्यप्रदेश के बालाघाट का दौरा करेंगे, जहां वह कथित रूप से संक्रामक रोगों की चपेट में आकर जान गंवाने वाले 30 से अधिक बच्चों के परिजन से मिलेंगे।
कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में राहुल के प्रस्तावित बालाघाट दौरे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बालाघाट में मासूम बच्चों की मौत ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
पटवारी ने सवाल किया कि मध्यप्रदेश के गरीब और आदिवासी परिवारों के बच्चे आखिर कब तक भाजपाई व्यवस्था की विफलता का खामियाजा भुगतते रहेंगे।
उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार से पूछा कि आदिवासी बुनियादी सुविधाओं, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और विकास के समान अवसरों के लिए क्यों संघर्ष कर रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “सरकार को ऐसे कई सवालों का जवाब देना होगा! बच्चों की मौतों की निष्पक्ष जांच कर जवाबदेही तय करनी होगी! इसी पीड़ा, संवेदना और न्याय की मांग के साथ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक अक्टूबर को बालाघाट आ रहे हैं!”
पटवारी ने कहा कि राहुल का मध्यप्रदेश आगमन वंचित और शोषित आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और न्याय की आवाज को मजबूती देगा।
उन्होंने कहा, “हमारा संकल्प स्पष्ट है, आदिवासी समाज को न्याय, पीड़ित परिवारों को इंसाफ और जिम्मेदारों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।”
पिछले दिनों मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर पीठ ने बालाघाट जिले में कथित रूप से संक्रामक रोगों के कारण 30 से अधिक बच्चों की मौत पर राज्य सरकार से जवाब मांगा था।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बालाघाट के जिलाधिकारी और अन्य को नोटिस जारी किए थे।
जनहित याचिका में बच्चों के लिए अपर्याप्त उपचार व्यवस्था का आरोप लगाया गया है। इसमें दावा किया गया है कि 50 बिस्तरों की क्षमता वाले अस्पताल में लगभग 400 बच्चों का इलाज किया जा रहा है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रभावित क्षेत्रों में हैंडपंप से पीले रंग का पानी आ रहा है और बच्चों एवं महिलाओं को कई महीनों से समय पर पौष्टिक भोजन नहीं मिला है।
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉकरोच) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी इसी महीने बालाघाट का दौरा किया था और आदिवासी बच्चों की मौत को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए थे।
भाषा
ब्रजेन्द्र पारुल
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