Free Milk Village/Image Source: iStock
नरसिंहपुर: Free Milk Village: आज हम आपको एक ऐसे गांव की कहानी बता रहे हैं, जहां के लोग आज भी आस्था और परंपरा के सहारे अपनी जीवनशैली को आगे बढ़ा रहे हैं। आज के दौर में जब दूध के बढ़ते दाम आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहे हैं, वहीं मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक ऐसा गांव भी है जहां दूध बेचा नहीं जाता बल्कि मुफ्त में बांटा जाता है।
Free Milk Village: महंगाई के इस दौर में यह बात सुनकर हैरानी होना स्वाभाविक है, लेकिन यह पूरी तरह सच है। नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के भमका गांव में आज भी एक प्राचीन परंपरा जीवित है, जहां लोग अपनी आस्था के चलते दूध का व्यापार नहीं करते। नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा से करीब आठ किलोमीटर दूर बसे भमका गांव की आबादी लगभग 500 है। गांव में करीब 100 परिवार रहते हैं और अधिकांश लोग कृषि कार्य से जुड़े हुए हैं। गांव में गाय-भैंसों की कोई कमी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद यहां का कोई भी किसान दूध नहीं बेचता। ग्रामीणों का मानना है कि गांव पर ग्वाल बाबा, जिन्हें हौलरा ग्वाल दादा के नाम से भी जाना जाता है, का आशीर्वाद है।
Free Milk Village: ग्रामीणों के अनुसार, प्राचीन मान्यता है कि ग्वाल बाबा स्वयं कभी दूध का व्यापार नहीं करते थे। तभी से गांव के लोग भी इस परंपरा का पालन करते आ रहे हैं। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि यदि कोई व्यक्ति चोरी-छिपे दूध बेच देता है, तो उसके पशु बीमार पड़ जाते हैं और कई बार उनकी मौत तक हो जाती है। इसी आस्था और भय के कारण आज भी गांव में दूध का व्यापार पूरी तरह वर्जित है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव में किसी शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन या किसी जरूरत के लिए दूध मांगा जाता है, तो उसे बिना किसी मूल्य के मुफ्त में दे दिया जाता है। यहां तक कि मान्यता है कि यदि किसी पशु के बीमार होने पर ग्वाल बाबा के नाम से नारियल चढ़ाया जाए, तो पशु के स्वस्थ होने की भी आस्था है।