मुंबई, 20 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने सोमवार को कहा कि महिलाओं से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और सटीकता के साथ की जानी चाहिए तथा “मीडिया ट्रायल” से बचना जरूरी है।
उन्होंने मीडिया संगठनों से महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रिपोर्टिंग में सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि उपयुक्त भाषा का इस्तेमाल किया जाए और पीड़ितों की गरिमा तथा गोपनीयता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा, “आज के समय में मीडिया केवल सूचना के प्रसार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की सोच को प्रभावित करने वाली एक शक्तिशाली ताकत है। इसलिए महिलाओं से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग अत्यंत संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और सटीकता के साथ की जानी चाहिए।”
रहाटकर यहां एनसीडब्ल्यू और सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय (महाराष्ट्र सरकार) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘महिला, मीडिया और प्रौद्योगिकी’ शीर्षक वाली एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं।
मीडिया के बदलते परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए रहाटकर ने कहा कि डिजिटल युग में समाचारों के प्रसार की गति में वृद्धि हुई है, लेकिन साथ ही अपुष्ट सूचनाओं के प्रसारित होने का खतरा भी बढ़ गया है।
उन्होंने कहा, ‘समाचारों को शीघ्रता से प्रसारित करना महत्वपूर्ण है लेकिन उनकी विश्वसनीयता उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं पर अंकुश लगाने के लिए तथ्यों की जांच को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।’
रहाटकर ने मीडिया संगठनों से महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रिपोर्टिंग करते समय सावधानी बरतने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, “पीड़िताओं की पहचान किसी भी परिस्थिति में उजागर नहीं की जानी चाहिए। उनकी गरिमा की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष ने कानूनी रूप से सही और तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं से संबंधित कानूनों के बारे में जागरूकता के महत्व पर भी बल दिया।
भाषा
राखी अविनाश
अविनाश