रायपुर।
ये भी पढ़ें- शिक्षा समिति की बैठक में शिक्षाकर्मियों की हड़ताल को लेकर प्रस्ताव पारित
अपनी मांगों को लेकर प्रदेशभर के शिक्षाकर्मियों का आंदोलन दसवें दिन क्रमिक भूख हड़ताल में बदल गया। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों और ब्लॉक मुख्यालयों में अपनी मांग पर अड़े शिक्षाकर्मियों ने क्रमिक भूख हड़ताल की शुरूआत की। उनका कहना है कि सरकार जब तक उनकी मांगें मान नहीं लेती, उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा।
इस बीच शिक्षाकर्मियों की हड़ताल तोड़ने के लिए प्रशासन ने बड़ा दांव खेलते हुए रायपुर जिले के 62 स्कूलों में नई पोस्टिंग का आदेश जारी कर दिया। जिसमें दूर के इलाकों में पदस्थ शिक्षाकर्मियों को ऑफर दिया गया है कि वे इन स्कूलों में पोस्टिंग के लिए 30 नवंबर तक आवेदन करें। ये नई पदस्थापना रायपुर से लगे धरसींवा, तिल्दा, आरंग, अभनपुर के लिए जारी किए गए हैं।
ये भी पढ़ें- बैंक की रेकी करते सीसीटीवी में कैद हुए शातिर बदमाश
इधर, आज कोरबा दौरे पर गए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शिक्षाकर्मियों के हड़ताल को लेकर एक बार फिर दोहराया कि बातचीत का रास्ता खुला है। साथ ही ये भी कहा कि संविलियन को लेकर उन्होंने जो पहले बात कही थी, उसी पर कायम हैं और दस दिनों बाद भी कोई पूछेगा, तो वे वही कहेंगे। वहीं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष का कहना है कि शिक्षाकर्मी स्कूल में पढ़ाएं भी और अपना आंदोलन भी जारी रखें।
ये भी पढ़ें- सिंगर बादशाह का रायपुर काॅन्सर्ट रद्द, आयोजकों पर एफआईआर
हड़ताल की वजह से जांजगीर जिले के शिवरीनारायण में थानेदार खुद पढ़ाने के लिए अपने स्टाफ के साथ स्कूल पहुंचे। वहीं धमतरी में गांव की युवतियों ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाने का जिम्मा उठाया। दंतेवाड़ा में शिक्षाकर्मियों ने रैली निकाली, तो बलरामपुर में आंदोलन को समर्थन देने कई भाजपा नेता धरनास्थल पहुंचे।
ये भी पढ़ें-फेरों से पहले दुल्हन ने किया शादी से इनकार, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
वेब डेस्क, IBC24