(Reliance Industries Share/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Reliance Industries Share: रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर 32 में से 32 एनालिस्टों ने खरीदारी की राय दी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सभी एनालिस्ट कंपनी के शेयरों पर 100% बुलिश हैं। इसके साथ ही इन एनालिस्टों ने इसके मूल्य में 26% तक की तेजी की संभावना जताई है। हालिया समय में कंपनी के शेयर में तेजी आई है, जिससे निवेशकों के लिए एक बेहतरीन मौका माना जा रहा है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर ने जनवरी 2024 में 1,608 रुपये का ऑल-टाइम हाई देखा था, लेकिन इसके बाद ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण कंपनी के शेयरों में गिरावट आई। 2025 में शेयरों में फिर से बढ़त आई, जब ये 1,581 रुपये के स्तर पर पहुंचे और इस साल की शुरुआत में 1,611.80 रुपये तक गए। लेकिन, अब तक इस वर्ष में रिलायंस के शेयरों में 13% तक की गिरावट देखी गई है।
हालांकि, कुछ ब्रोकरेज फर्म्स ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाए हैं। घरेलू ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल ने रिलायंस के शेयरों पर 1,730 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है और हालिया गिरावट को जरूरत से ज्यादा बताया है। उनका मानना है कि कच्चे तेल और एलएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी से रिलायंस पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
| पैरामीटर | मान |
| शेयर मूल्य | ₹1,367.70 |
| बदलाव | +23.80 (1.77%) |
| खुला | ₹1,384.20 |
| उच्चतम | ₹1,384.40 |
| न्यूनतम | ₹1,362.90 |
| मार्केट कैप | ₹18.50 LCr |
| P/E अनुपात | 22.24 |
| 52-सप्ताह उच्च | ₹1,611.80 |
| 52-सप्ताह निम्न | ₹1,114.85 |
| डिविडेंड | 0.40% |
| त्रैमासिक डिविडेंड राशि | ₹1.37 |
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली और गोल्डमैन सैक्स ने भी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर सकारात्मक रेटिंग दी है। मॉर्गन स्टेनली ने 1,847 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है, वहीं गोल्डमैन सैक्स ने 1,835 रुपये का टारगेट रखा है। इस सकारात्मक रेटिंग के बावजूद, 1 अप्रैल को रिलायंस के शेयर 1,367.70 रुपये पर कारोबार कर रहे थे, जिसमें 1.77% की तेजी आई थी।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।