बुलंदशहर, 29 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में हालिया तिहरे हत्याकांड के सिलसिले में 50-50 हजार रुपये के इनामी दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक 25-26 अप्रैल की दरमियानी रात खुर्जा क्षेत्र में जन्मदिन की पार्टी के दौरान एक ही परिवार के तीन सदस्यों की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना के कुछ दिन बाद यह गिरफ्तारी हुई है। इस घटना के बाद लापरवाही के आरोप में एक थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था।
पुलिस के अनुसार, रिंकू और भरत नामक दोनों आरोपियों को खुर्जा नगर पुलिस और स्वाट टीम ने 28-29 अप्रैल की देर रात मुंडाखेड़ा नहर के पास एक संयुक्त अभियान के दौरान गिरफ्तार किया।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस की टीम आरोपियों को वारदात से जुड़े डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) की बरामदगी के लिए मौके पर ले गई थी, तभी दोनों ने कथित तौर पर हिरासत से भागने की कोशिश की और छिपाए गए हथियारों से पुलिस पर गोलीबारी कर दी।
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के पैरों में गोली मारकर उन्हें काबू कर लिया। घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध पिस्तौल, एक देसी तमंचा, कारतूस और डीवीआर बरामद किया है।
दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम कलानिधि नैथानी, पुलिस उप महानिरीक्षक, मेरठ रेंज द्वारा घोषित किया गया था।
इससे पहले, मामले में मयंक नामक एक आरोपी को भी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
खुर्जा के क्षेत्राधिकारी शोभित कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी 25-26 अप्रैल की गोलीबारी की घटना में सीधे तौर पर शामिल थे, जिसमें तीन युवकों की मौत हुई थी।
उन्होंने कहा, “सबूत की बरामदगी के लिए ले जाए जाने के दौरान आरोपियों ने पुलिस की टीम पर हमला कर भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में वे घायल हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”
यह तिहरा हत्याकांड जन्मदिन समारोह के दौरान हुए विवाद के हिंसक रूप लेने के बाद हुआ था, जिसमें अमरदीप (30), मनीष (28) और आकाश (18) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तीनों आपस में रिश्तेदार थे।
पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को नामजद कर उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान चला रखा है।
भाषा
सं, जफर रवि कांत