यूरोपीय राजनयिक यूक्रेन की यात्रा पर, बुचा में अत्याचार करने वालों को जवाबदेह ठहराने पर दिया जोर

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यूरोपीय राजनयिक यूक्रेन की यात्रा पर, बुचा में अत्याचार करने वालों को जवाबदेह ठहराने पर दिया जोर

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  • Publish Date - March 31, 2026 / 05:21 PM IST,
    Updated On - March 31, 2026 / 05:21 PM IST

कीव, 31 मार्च (एपी) कीव के पास एक शहर में रूसी सेनाओं के अत्याचार किये जाने के चार साल पूरे होने के मौके पर कई यूरोपीय देशों के विदेश मंत्री मंगलवार को यूक्रेन पहुंचे।

युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रयासों के ठप पड़ने और वाशिंगटन का ध्यान पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर केंद्रित होने के कारण, यूरोपीय देशों की सरकारें रूस-यूक्रेन युद्ध पर ध्यान केंद्रित रखने के लिए उत्सुक हैं। यह युद्ध अब अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है।

कई अधिकारियों के साथ 12 यूरोपीय विदेश मंत्रियों का एक समूह ट्रेन से कीव पहुंचा, जहां उनका स्वागत यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने किया।

सिबिहा ने बुचा में किये गए वीभत्स अत्याचारों का उल्लेख किया।

रूसी सेना ने 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद तेजी से शहर पर कब्जा कर लिया था। रूसी सैनिक लगभग एक महीने तक वहां रूके रहे। जब यूक्रेनी सेना ने बुचा पर नियंत्रण हासिल किया, तो उन्हें 400 से अधिक शव मिले।

सिबिहा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यूक्रेन में यूरोपीय नेताओं का इतनी बड़ी संख्या में आना यह प्रदर्शित करता है कि रूसी अत्याचारों के लिए न्याय मिलना अपरिहार्य है।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘यूरोप में न्याय बहाल करने के लिए रूसी अपराधों की व्यापक जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है।’’

बुचा के सेंट एंड्रयू गिरजाघर में, यूरोपीय संघ के अपने समकक्षों के साथ नरसंहार की दर्जनों भयावह तस्वीरें और वीडियो देखने के बाद, पोलैंड के विदेश मंत्री रादेक सिकोरस्की ने कहा, ‘‘जो कोई भी यह दावा करता है कि (रूसी राष्ट्रपति) व्लादिमीर पुतिन युद्ध अपराधी नहीं हैं, उन्हें आकर खुद यह देखना चाहिए।’’

अधिकारियों का कहना है कि कई लोगों को सड़क पर गोली मारी गई। कुछ के हाथ पीछे बंधे हुए थे, और अन्य के शरीर पर यातना के निशान थे या उनके साथ दुष्कर्म किया गया था।

संयुक्त राष्ट्र ने 70 से अधिक हत्याओं का दस्तावेजीकरण किया है।

कीव जाते समय, यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने इस बात पर जोर दिया कि बुचा जैसी जगहों पर हत्या के आदेश देने वालों को भी उतना ही जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, जितना कि अत्याचार करने वालों को।

ईरान युद्ध इस समय अमेरिका की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इससे उन संसाधनों के दूसरी ओर जाने का खतरा है जिनकी कीव को आवश्यकता है, जैसे कि हवाई रक्षा प्रणाली, जबकि रूस को तेल एवं गैस की उच्च कीमतों के कारण अप्रत्याशित लाभ हो सकता है।

कल्लास ने कहा, ‘‘हम इसे (यूक्रेन युद्ध को) यूं ही हाथ से जाने नहीं दे सकते। हमें ही इसे जारी रखना होगा क्योंकि कोई और ऐसा नहीं कर रहा है।’’

इस बीच, यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने पिछले सप्ताह बाल्टिक सागर में रूस के तेल निर्यात ढांचे को निशाना बनाते हुए कई हमले किए।

एपी सुभाष नरेश

नरेश

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