नासिक, 15 मई (भाषा) नासिक की एक अदालत ने शुक्रवार को टीसीएस यौन उत्पीड़न-जबरन धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार पांच लोगों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
सरकारी वकील विजय गायकवाड़ ने कहा कि तौसीफ अत्तर, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, आसिफ अंसारी और अश्विनी चैनानी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
जमानत याचिकाओं पर बहस 11 से 13 मई के बीच हुई, जिसमें अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष ने अपने-अपने पक्ष रखे, जिसके बाद अदालत ने शुक्रवार के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था।
बचाव पक्ष ने जहां दलील दी कि गिरफ्तारियां अवैध थीं, वहीं विशेष लोक अभियोजक अजय मिसर ने अदालत को बताया कि जांच के हिस्से के रूप में उन्हें हिरासत में लेने के दौरान सर्वोच्च न्यायालय के सभी दिशानिर्देशों का पालन किया गया था।
बचाव पक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि जब पीड़ितों का दावा था कि उत्पीड़न की घटनाएं दो साल से चल रही थीं, तो मामले एक ही दिन क्यों दर्ज किए गए।
अभियोजन पक्ष ने हालांकि अदालत को बताया कि जांच तब शुरू हुई जब पीड़ितों ने पुलिस से संपर्क करने का साहस जुटाया।
नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी की नासिक इकाई में छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार के नौ मामलों की जांच कर रही है।
कुछ पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें प्रार्थना करने, खान-पान की आदतों में बदलाव करने और धार्मिक प्रतीकों को अपनाने सहित धार्मिक प्रथाओं को अपनाने के लिए मजबूर किया गया या उन पर दबाव डाला गया था।
भाषा प्रशांत माधव
माधव