एयर इंडिया के विमानों की विश्वसनीयता में हुआ सुधार: कैंपबेल विल्सन

एयर इंडिया के विमानों की विश्वसनीयता में हुआ सुधार: कैंपबेल विल्सन

एयर इंडिया के विमानों की विश्वसनीयता में हुआ सुधार: कैंपबेल विल्सन
Modified Date: February 19, 2026 / 10:06 pm IST
Published Date: February 19, 2026 10:06 pm IST

नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) एयर इंडिया के बेड़े की विश्वसनीयता में सुधार हुआ है और कलपुर्जों का भंडार भी बढ़ाया गया है। एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।

टाटा समूह के स्वामित्व वाली इस एयरलाइन को अपने पुराने बोइंग 777 और 787 विमानों के साथ तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा है, जिससे उड़ानों में देरी और रद्दीकरण की नौबत आती रही है। विल्सन ने बताया कि पुराने बोइंग 787 विमानों के उन्नयन का काम शुरू हो गया है।

बृहस्पतिवार को कर्मचारियों के साथ टाउन हॉल बैठक के दौरान विल्सन ने कहा कि परिचालन क्षमता को मजबूत करना एयरलाइन के मुख्य क्षेत्रों में से एक है और अब विमानों की कार्यक्षमता पहले से बेहतर हुई है।

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे उन्नयन का काम बढ़ रहा है, दोनों पुराने बोइंग बेड़े लगातार सुधार दिखा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कलपुर्जों की उपलब्धता में काफी वृद्धि की गई है।

विमानों को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए एयरलाइन लगातार पुराने पुर्जों को बदलने और आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ उन्हें अद्यतन करने का काम कर रही है।

कंपनी के सीईओ और प्रबंध निदेशक ने बताया कि 2026 के अंत तक एयरलाइन के 50 प्रतिशत से अधिक बड़े विमानों का आधुनिकीकरण कर दिया जाएगा, जबकि दिसंबर 2028 तक यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।

विल्सन के मुताबिक, एयरलाइन समूह का लक्ष्य 2030 तक अपने विमानों की संख्या को वर्तमान के 300 से बढ़ाकर 500 के पार ले जाना है।

इस समूह में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस शामिल हैं। जनवरी, 2022 में निजीकरण के बाद से घाटे में चल रही एयर इंडिया वर्तमान में एक महत्वाकांक्षी परिवर्तन योजना के दौर से गुजर रही है।

भाषा सुमित अजय

अजय


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