भू-राजनीतिक घटनाक्रमों, कच्चे तेल की कीमतों से तय होगी स्थानीय शेयर बाजार की दिशा

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भू-राजनीतिक घटनाक्रमों, कच्चे तेल की कीमतों से तय होगी स्थानीय शेयर बाजार की दिशा

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  • Publish Date - May 10, 2026 / 12:50 PM IST,
    Updated On - May 10, 2026 / 12:50 PM IST

नयी दिल्ली, 10 मई (भाषा) स्थानीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह अमेरिकी-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है।

विश्लेषकों का कहना है कि रुपये-डॉलर की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार को प्रभावित करेंगी।

ऑनलाइन ट्रेडिंग एवं संपदा प्रौद्योगिकी कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा कि बाजार इस सप्ताह भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति बेहद संवेदनशील रहेगा और निवेशकों का ध्यान अमेरिका-ईरान से संबंधित घटनाक्रमों पर रहेगा।

उन्होंने कहा कि ब्रेंट कच्चे तेल के दाम बाजार की दिशा तय करने वाला एक अहम कारक रहेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी रहती हैं या तनाव कम करने की दिशा में प्रगति होती है तो जोखिम वाले निवेश माध्यमों में राहत भरी तेजी देखी जा सकती है। वहीं तनाव बढ़ने की स्थिति में बाजार पर दबाव बना रह सकता है।’’

एक विशेषज्ञ ने कहा कि इस सप्ताह महंगाई के आंकड़े भी आने हैं जो बाजार के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

इस बीच, केनरा बैंक, टाटा पावर, भारती एयरटेल, डीएलएफ, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसी कंपनियां सप्ताह के दौरान अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करेंगी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार निकट भविष्य में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति बेहद संवेदनशील बने रहेंगे और बाजार व्यापक दायरे में कारोबार कर सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत के अप्रैल महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति (सीपीआई) के आंकड़े भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ब्याज दर नीति का संकेत देंगे, जबकि अमेरिका के सीपीआई और पीपीआई आंकड़े फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती, बॉन्ड प्रतिफल और वैश्विक जोखिम धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।

बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 414.69 अंक यानी 0.53 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 178.6 अंक यानी 0.74 प्रतिशत के लाभ में रहा।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफआईआई) ने भी भारतीय बाजारों से निकासी जारी रखी है। इस महीने अबतक एफपीआई भारतीय शेयर बाजारों से 14,231 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं।

स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों के रुख पर निर्भर करेगी। साथ ही चौथी तिमाही के नतीजों का अंतिम चरण शेयर और क्षेत्र आधारित गतिविधियों को प्रभावित करेगा।

भाषा अजय अजय

अजय