Reported By: Komal Dhanesar
,Chhattisgarh Jaundice Outbreak/AI Generated Image
Chhattisgarh Jaundice Outbreak: छत्तीसगढ़ में इन दिनों पीलिया का प्रकोप देखने को मिल रहा है। हाल ही में मैनपाट के 4 से ज्यादा गांवों में अब तक पीलिया के 12 मामले सामने आये थे और 1 सप्ताह के भीतर 05 लोगों की मौतें हुई है। इसी बीच दुर्ग जिले के भिलाई के सेक्टर-7 में पीलिया तेजी से फैल रही है। यहां सड़क नंबर 40, 41, 42 और 43 मरीज में मिले है। जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।
Chhattisgarh Jaundice Outbreak स्थानी पार्षद के अनुसार, अब तक पीलिया के 15 से 20 मरीज सामने आ चुके हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने कल यहां सर्वे कर मात्र पांच मरीजों की पुष्टि की है। इधर जिन घरों में पीलिया फैला है उनका कहना है कि वह बीएसपी से सप्लाई होने वाली पाइपलाइन का पानी पीते हैं और यही वजह है कि उनके घर आज पीलिया हो गया है। इनमें से एक बच्चे की हालत तो इतनी खराब थी कि उसे तीन दिन आईसीयू में भी रखना पड़ा। हालांकि 10 दिन बाद उसकी अस्पताल से छुट्टी हो चुकी है, वहीं एक अन्य युवक भी पीलिया का शिकार हो गया है और हाल ही में अस्पताल से वापस आया है।
मोबाईल हेल्थ कैम्प लगाया गया
Chhattisgarh Jaundice Outbreak पार्षद उमेश साहू का कहना है कि वह लगातार बीएससी प्रबंधन को पत्र लिख रहे हैं लेकिन पीने की पाइपलाइन के सुधार संबंधी कोई भी प्रयास प्रबंधन द्वारा नहीं किए गए। उन्होंने बताया कि पिछली बार जब सड़क के उसे पर पीलिया फैला था। तब कुछ दूर तक कि पाइपलाइन बदली गई थी, लेकिन जरूरत पूरी पाइपलाइन को बदलने की है। इधर स्वास्थ्य विभाग के सर्वे के बाद आज सुबह से ही मोबाईल हेल्थ कैम्प लगाया गया है जहां पीलिया के लक्षण वाले मरीज चेकअप के लिए पहुँचे है।
मैनपाट में इस पीलिया के प्रकोप की अगर बात करें तो ग्राम पंचायत कुनिया के उपसरपंच जितेंद्र यादव सहित अलग-अलग गांव के कुल 05 लोगों की हुई मौत पीलिया से हुई है। जबकि अभी और भी इसके मरीज अंबिकापुर और रायपुर में भर्ती है। ज्यादातर मरीजों का उपचार निजी अस्पतालों में जारी है।
प्रशासन की टीम अलर्ट
Chhattisgarh Jaundice Outbreak गांव में पीलिया की खबर मिलते ही प्रशासन की टीम ने अलर्ट जारी किया है और पानी की सैंपल सहित इसके फैलने के कारणों में जुटी हुई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम बीमारी के कारणों की जांच करने और इससे पीड़ित लोगों सैंपल लेने के बाद ही मीडिया के सामने कुछ कहने की बात कर रहीं है, जबकि इससे 12 ज्यादा पीड़ित मरीजों का उपचार अब भी जारी है।