Reported By: Saurabh Singh Parihar
,Vijay Sharma Live | Photo Credit: IBC24
रायपुर: Vijay Sharma Live देश नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में खुद इस बात का ऐलान किया है। जिसके बाद आज छत्तीसगढ़ के गृहंत्री विजय शर्मा नक्सलवाद के खात्मे को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं। जहां वे अब तक की कार्रवाई, उपलब्धियों और आगे की रणनीति पर विस्तार से बात कर रहे हैं।
Vijay Sharma Press Conference LIVE प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री शर्मा ने कहा कि आज का दिन एतिहासिक है। छत्तीसगढ़ से नस्कलवाद खत्म हुआ। 2023 तक 75% नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में थे। नक्सलियों का 90% आर्म्स कैडर छत्तीसगढ़ में था। उन्होंने कहा कि लाल आतंक को खत्म करने का श्रेय बस्तर की जनता को है। आर्म्स फोर्स के पराक्रम को श्रेय जाता है। टेक्नोलॉजी बेस इंटेलिजेंस पर काम ज़्यादा हुआ। इसके कारण परफ़ेक्ट ऑपरेशन हुए, जो सफल हुए। नक्सली मारे जाते थे, जवानों को एक खरोंच नहीं आई।
अनेक नक्सली न्यूट्रल से वो जब ऑपरेशंस हो रहे थे तब जो विपक्ष से भी सहयोग की अपेक्षा थी उसके स्थान पर आरोप लगने शुरू हुए थे और एक वो आरोप था मुझे ध्यान है जिसको पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया था कि एनकाउंटर फर्जी हुआ है और उसके बाद नक्सलियों ने पत्र निकाल दिए कि नहीं यह ठीक हुआ है इतने ही लोगों का एनकाउंटर हुआ। यह घटना भी आप हम सबको ध्यान होगा साल डेढ़ साल पुरानी बहुत ज्यादा पुरानी बात है तो ना जानते हुए ना समझते हुए भी आरोप लगा देना सेना के हमारे आर्म फर्सेस के जवानों के पराक्रम पर तोहमत लगाने जैसी चीज थी। खैर जैसा भी है बात आगे बढ़ी। जवानों के पराक्रम के कारण ही हम देखते हैं कि आज का दृश्य उपस्थित हुआ है। उसके बाद जो और वर्टिकल्स उस पर काम किए मैं वो भी आपके ध्यान में लाना चाहता हूं और वो यह है कि लगातार मैं विशेष रूप से नारायणपुर, सुखमा और बीजापुर के हर महीने लगभग हर महीने लगभग मैं समाज के प्रमुखों के साथ भी बैठता था। ये बात उस समय भी मैंने प्रेस में कही थी। आपको ध्यान भी होगा। मतलब दोरला भद्रा मुरिया माडिया गोंड जितने भी समाज बस्तर में उन समाज के प्रमुखों के साथ जो उन जिलों में हैं उनके साथ बैठता था।
एक बार नहीं अनेक बार उनसे अपील भी किए कि भाई इस पर क्या करना है? उन्होंने कुछ काम बताए वो काम भी किए और फिर से अपील किए कि भाई ये समाज के लोग हैं। इनसे बात किया जाए। इनको वापस लाया जाए। मैं बड़ी प्रसन्नता के साथ इस बात को बताना चाहता हूं कि सारा समाज तैयार था इस बात के लिए और सारे समाज के लोगों ने अपने लोगों से चर्चा भी की और कुछ समाज के लोगों ने तो वापस लाकर पुनर्वास कराया। उसके रिकॉर्ड है। मैं समाज का नाम लूंगा तो अभी उचित नहीं है। आप रिकॉर्ड देख लीजिएगा, लेकिन बुलाकर लेकर पुनर्वास कराया गया। ऐसे ही पंचायत राज के प्रतिनिधि क्योंकि मुझे ध्यान था हमारे बीजापुर के जिला पंचायत के एक सदस्य है। उनको सीट थोड़ा आगे पीछे हो रहा था तो गंगलूर से लड़ी वो अभी गंगलूर का पूरा जो जिला पंचायत का क्षेत्र है।
उस समय जब वो जिला पंचायत का चुनाव हुआ तब प्रत्येक गांव तक पुलिस की पहुंच नहीं थी। परंतु महिला हमारे उस भारतीय जनता पार्टी की कार्यकर्ता है, उन्होंने वहां से चुनाव लड़ा और वो जीत कर और जीतने के बाद गंगा वाले एरिया से जीतने के बाद वो जिला पंचायत के अध्यक्ष भी बने और तब मुझे यह लगा कि हमारे पंचायती राज के जनप्रतिनिधि जो हैं मैं फॉर्चूनेटली पंचायती राज का काम भी मेरे पास है तो पंचायती राज के जो जनप्रतिनिधि हैं ये बहुत उपयोगी हो सकते हैं और मैंने उनसे भी लगातार बैठ के की इन्हीं तीन जिलों में जहां पर मैक्सिमम फोकस था क्योंकि कोंडागांव क्लियर था, पहले ही बस्तर क्लियर था लगभग लगभग कोंडागांव भी लगभग क्लियर था। कांकेर में थोड़ा सा एरिया क्लियर था। बाकी में थोड़ी परेशानी थी। लेकिन मूल परेशानी थी तो नारायणपुर, सुमा और बीजापुर में। तो इन्हीं क्षेत्रों में उनसे बात भी करता रहा। तो उन सारे पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों ने भी बड़ा अभियान किया और अभियान करके उनसे चर्चाएं की जहां तक संभव हो सकता था और चर्चा करके उनको वापस भी लाने का काम किया।
मतलब यह भी है कि वो लेकर आए और उन्होंने पुनर्वास कराया। इसके साथ साथ एक हिम्मत पंचायत हम लोगों ने योजना भी चलाई और अनेक ऐसी और बातें थी। इसके साथ साथ यह हुआ कि जो नक्सली वापस आना चाहते थे उनको पत्रकार साथियों ने बस्तर में बहुत असिस्ट किया। उनको किसी तरह का थ्रेट ना हो वो इत्मीनान से वो वापस आ सके। इसके लिए उन्होंने अपने नंबर जारी किए। एक नहीं अनेक पत्रकार साथी अनेक पत्रकार साथियों ने अपने लोगों से जिनसे भी उनका संपर्क हुआ वो उनको सुरक्षित लेकर आए और पुनर्वास कराया मतलब आज तक के भारत के नक्सल इतिहास का सबसे बड़ा पुनर्वास जो है 210 लोगों ने जिसमें पुनर्वास किया 153 हथियार एक साथ आए जो बस्तर के मुख्यालय जगदलपुर में हुआ अक्टूबर 25 में उस अक्टूबर 2025 की घटना के पीछे भी एक पत्रकार साथी का हाथ और उसके बाद अनेक और ऐसी घटनाएं हुई। तो इन लोगों ने भी बहुत मेहनत की, बहुत परिश्रम किया।
मैं सारे ही वर्टिकल्स आपसे बता रहा हूं जो इंटीग्रेटेड अप्रोच जिसके कारण हुआ और आज हम ये सुखद परिणाम देख पा रहे हैं। किसी एक को पूरा श्रेय दे देने का कोई अर्थ ही नहीं होता है। बस्तर की जनता है। देश के प्रधानमंत्री हैं। देश के गृह मंत्री हैं। हमारे मुख्यमंत्री माननीय विष्णुदेव साह जी हैं। और उसके बाद हमारे आर्म्ड फोर्सेस हैं। पंचायती राज के जनप्रतिनिधि हैं। पत्रकार साथी हैं, समाज के प्रमुख हैं। और कुछ अभियान सरकार के कुछ अभियान सरकार के बस्तर के लोगों में खेल की बड़ी रुचि होती है। तो बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया गया जिसमें 4 लाख 5 लाख युवाओं ने भाग लिया। बस्तर पंडुम है जिसमें बस्तर की संस्कृति को उभार कर सामने लाने का एकत्रित करके एक जगह लाने का वह प्रयास भी किया गया। हमारी बहुत अच्छी पुनर्वास नीति बनी सरकार के माध्यम से। उस पुनर्वास नीति में बहुत सारे लोगों से फीडबैक लेकर बनाया गया। वो पुनर्वास नीति भी हमारे काम आई। बीच-बीच में हम लोगों को बस्तर के युवाओं को रायपुर तक घुमाने लाते थे और रायपुर देख के वो जाते थे।
उन युवाओं ने रायपुर में आकर के रायपुर को देखा, रायपुर को समझा और अन्य स्थानों पर समझा। आपको भी ध्यान होगा उसमें ग्रुप में ऐसे अनेक बार ऐसे बच्चे ऐसे युवा आए थे जो 25 साल की उम्र हो गई थी। लेकिन उन्होंने टीवी नहीं देखा था। ऐसे अनेक लोगों से आप लोगों की भी मुलाकातें हुई थी। उनको भी लगा कि बस सर ऐसे तो पीछे ही छूटा जाएगा। ऐसे तो नहीं चल पाएगा साथ में। इसलिए सबके मन में यह भाव आता गया कि इसको ठीक होना चाहिए। इस बीच में यह भी हुआ कि देश के अनेक स्थानों से मैंने बोटोोलैंड जो एक आंदोलन चला करता था पहले वो बोटोैंड पीटीआर कहते हैं। बोलैंड टेरिटरी रीजन बना हुआ है। वहां से गोविंदा वासुमतारी और रिन्यूल वारी ऐसे जो लोग थे जो उस समय ऐसे संगठनों में जो सशस्त्र आंदोलन किया करते थे उसके लोग थे। उन्होंने पुनर्वास किया पूर्णत उनको भी लेकर के हम बस्तर आए थे। ऐसे ही पुनर्वास करने वाले जो उड़ीसा के आंध्र प्रदेश के तेलंगाना के महाराष्ट्र के लोग थे उनको भी बस्तर लेकर आए थे और उन्होंने सारे ही जिलों का प्रवास किया। उनका मीडिया सोशल मीडिया पर बड़ा इंपैक्ट आया।
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— IBC24 News (@IBC24News) March 31, 2026