नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने पशु कल्याण संगठनों और वन एवं वन्यजीव विभाग के साथ मिलाकर जामा मस्जिद के पास कबूतर मार्केट में स्थित पांच दुकानों पर संयुक्त छापेमारी के दौरान 863 पक्षियों और जानवरों को छुड़ाया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई ‘पीपल फॉर एनिमल्स’ (पीएफए) से मिली उस सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बाजार की दुकानों में संरक्षित पक्षियों और जानवरों की अवैध बिक्री और गैर-कानूनी ढंग से कैद करके रखने का आरोप लगाया गया था।
यह सूचना पुलिस, ‘वर्ल्ड वाइड एनिमल’ और वन एवं वन्यजीव विभाग के अधिकारियों के साथ साझा की गई, जिसके बाद एक संयुक्त अभियान चलाया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुक्त कराए पक्षियों और जानवरों को बेहद तंग, खराब और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में पिंजरों में कैद पाया गया, जिनमें से कई को तत्काल देखभाल की आवश्यकता थी।
बरामद किए गए 863 पशु-पक्षियों में से 431 की प्रथम दृष्टया पहचान ऐसे पशु-पक्षियों के रूप में की गई, जो वन्यजीव कानूनों के तहत संरक्षित, प्रतिबंधित या अनुसूचित प्रजातियों में आते हैं।
संरक्षित या अनुसूचित पक्षियों में 72 टुइया तोते, 183 गुलाबी-माला तोता (रोज-रिंग्ड पैराकीट), 63 हीरामन तोते और 113 मुनिया पक्षी शामिल थे।
अधिकारी ने कहा, ‘इन पक्षियों को ‘वर्ल्ड वाइड एनिमल’ द्वारा वन एवं वन्यजीव विभाग के समन्वय से जब्त किया गया।’
उन्होंने बताया कि क्रूरता और अनुचित कैद की परिस्थितियों से अन्य 432 पक्षियों और जानवरों को छुड़ाया गया। इनमें 148 बजरीगर (बजीस), 57 कॉकाटील, 96 लवबर्ड, 18 गिनी पिग, नौ भूरी गिलहरी, 41 सफेद चूहे, 11 खरगोश और 52 गैर-संरक्षित तोते व अन्य पालतू पक्षी शामिल थे।
संयुक्त छापेमारी में मध्य जिला पुलिस की टीम शामिल रहीं। कार्रवाई के दौरान कबूतर मार्केट की पांच दुकानों का व्यवस्थित रूप से निरीक्षण किया गया।
पुलिस ने कहा कि बड़ी संख्या में पक्षी और जानवर पिंजरों में रखे पाए गए, जिनमें से कई में क्षमता से अधिक संख्या थी और उन्हें अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में रखा गया था। बरामद पक्षियों और जानवरों की वन्यजीव एवं पशु कल्याण संगठनों की सहायता से जांच व पहचान की गई।
पुलिस ने बताया कि संरक्षित पक्षियों को संबंधित वन्यजीव अधिकारियों ने जब्त कर लिया, जबकि क्रूर और अनुचित परिस्थितियों से मुक्त कराए गए पक्षियों और जानवरों को पीएफए ने उचित देखभाल के लिए अपने कब्जे में ले लिया।
अधिकारी ने बताया कि बरामद किए गए पक्षियों और जानवरों को अपने कब्जे में रखने वाले पांच व्यक्तियों की पहचान इकबाल खान, आकाश, कानी राम, मोहम्मद आदिल खान और राशिद खान के रूप में हुई।
पुलिस ने बताया कि इन पांचों व्यक्तियों को कानून के मुताबिक पाबंद किया गया है। पीएफए से जुड़े एक कार्यकर्ता और ‘न्यूज़पेपर एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ के सलाहकार बोर्ड के एक सदस्य की शिकायत पर 10 अगस्त को जामा मस्जिद थाने में एक प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी।
अधिकारी ने कहा कि यह मामला वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
भाषा नोमान नोमान पवनेश
पवनेश