रांची, 12 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को रांची जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को जबरन हटाने का प्रयास किया। ये छात्र इस राज्य में भर्ती परीक्षाओं में हुई ‘अनियमितताओं’ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने प्रदर्शन स्थल की बिजली काटने के साथ-साथ छात्रों को प्रदर्शनस्थल खाली करने के लिए भी डराया और धमकाया है।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन उन्हें प्रदर्शन खत्म करने के लिए डरा-धमका रहा था।
हालांकि, रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे छात्रों का हाल-चाल जानने के लिए मौके पर गए थे।
मरांडी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज सुबह जैसे ही मैंने अपना मोबाइल फोन देखा, मुझे पता चला कि कल देर रात रांची के उपायुक्त और शहर के पुलिस अधीक्षक, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शनस्थल पर पहुंचे और बिजली काटकर छात्रों को जबरन हटाने की कोशिश की। अधिकारियों ने कहा कि सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा रद्द कर दी है, इसलिए अब विरोध-प्रदर्शन खत्म हो जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि जानकारी मिलने पर भाजपा नेता मौके पर पहुंचे और उन्हें देखकर प्रशासनिक अधिकारी वहां से चले गए।
भाजपा नेता मरांडी ने कहा, ‘‘मैं रांची जिला प्रशासन और हेमंत सोरेन सरकार के इस अलोकतांत्रिक और निंदनीय रवैये की कड़ी निंदा करता हूं। सरकार अब उन छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को बर्दाश्त करने में असमर्थ है, जो शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं।’’
उन्होंने मांग की कि प्रशासन को धरना स्थल पर बिजली, पानी, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उचित व्यवस्था करनी चाहिए तथा ‘‘सरकार के इशारे पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।’’
झारखंड भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों का आंदोलन बुधवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
भाषा प्रचेता शफीक
शफीक
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