गुवाहाटी, 31 मार्च (भाषा) कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने भाजपा पर असम में अवैध विदेशियों के मुद्दे का राजनीतिकरण करने और राज्य तथा केंद्र, दोनों जगह सत्ता में होने के बावजूद उन्हें देश से बाहर निकालने में नाकाम रहने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा 2016 से हर चुनाव से पहले असम के लोगों से उन्हीं वादों को दोहराती आ रही है, जिनमें घुसपैठ की समस्या का समाधान, बाढ़ पर नियंत्रण और छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देना शामिल है।
राज्यसभा सदस्य ने यहाँ प्रेसवार्ता में कहा, “भाजपा विदेशियों को देश से बाहर नहीं निकालती, ताकि वह इस मुद्दे का राजनीतिकरण करती रहे। वह चाहती है कि विदेशी यहीं रहें, ताकि वह चुनावों के दौरान इस मुद्दे का इस्तेमाल कर सके और विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा दे सके।”
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार असम का दौरा किया है और घुसपैठ का मुद्दा उठाया है, तथा इसे एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की है।
हुसैन ने कहा, “मैं पूछना चाहता हूँ: पिछले 12 साल से केंद्र में और पिछले 10 साल से असम में सत्ता में कौन रहा है? सीमा सुरक्षा के लिए कौन ज़िम्मेदार है? बीएसएफ अमित शाह के अधीन काम करती है। सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करना और घुसपैठ रोकना केंद्र सरकार की ज़िम्मेदारी है, न कि राज्य सरकार की।’’
उन्होंने कहा कि राज्य की जनता कांग्रेस के 15 साल के शासन की तुलना में एक सार्थक बदलाव की उम्मीद से 2016 में भाजपा को सत्ता में लेकर आई थी।
हुसैन ने कहा, “हालांकि, भाजपा अपने पहले पाँच साल में वादे पूरे करने में नाकाम रही। 2021 में भी भाजपा ने कई वादों के साथ सरकार बनाई, लेकिन उन्हें पूरा करने में विफल रही।”
उन्होंने मतदाताओं से कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने का आग्रह किया।
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को चुनाव होगा और मतों की गिनती 4 मई को होगी।
भाषा नेत्रपाल माधव
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