नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने रिश्वत मामले में गिरफ्तार हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को बुधवार को एक दिन के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में भेज दिया।
सीबीआई ने अधिकारी की पांच दिन की हिरासत का अनुरोध किया था।
गहलावत को नकली दवा बनाने वाले गिरोह की जांच के सिलसिले में तीन करोड़ रुपये की कथित रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
विशेष न्यायाधीश सुशांत चंगोत्रा ने नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात 2012 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी गहलावत को एक दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया।
सुनवाई के दौरान, जांच से जुड़े कुछ सवाल पूछने के बाद न्यायाधीश ने सीबीआई के जांच अधिकारी के व्यवहार की आलोचना की।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आज जांच अधिकारी से पूछे गए सवालों के जवाब से यह साफ हो गया है कि अब तक जांच में इस बात का पता लगाने की कोई कोशिश नहीं की गई है कि क्या आरोपी दीपक गहलावत ने सीबीआई में तैनात किसी सरकारी कर्मचारी से संपर्क किया था, या क्या उन्होंने ऐसे सरकारी कर्मचारियों पर अपना निजी प्रभाव डालने की कोई कोशिश की थी।’’
उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी ने यह पता लगाने की कोई कोशिश नहीं की कि क्या ऐसा कोई व्यक्ति मौजूद था या इस सरकारी कर्मचारी की पहचान क्या थी।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इस मामले में जांच अधिकारी का आचरण और आज उनके दिए गए जवाब पूरी तरह से समझ से परे हैं।’’
उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी ने यह साफ नहीं किया कि लेन-देन के किस हिस्से के बारे में आरोपी से अभी पूछताछ की जानी बाकी है।
जब यह पूछा गया कि क्या गहलावत से न्यायिक हिरासत में पूछताछ की जा सकती है, तो जांच अधिकारी ने सहमति में सिर हिलाया। हालांकि, जब सरकारी वकील ने जोर देकर कहा कि आरोपी को सबूतों का सामना कराने के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है, तो अदालत ने एक दिन की हिरासत मंजूर की।
अधिकारियों ने बताया कि आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत कथित अपराध के समय बीसीएएस में क्षेत्रीय निदेशक के पद पर तैनात थे। गहलावत पर आरोप है कि उन्होंने रिश्वत के एवज में अपने कथित प्रभाव का इस्तेमाल कर सीबीआई अधिकारियों से संपर्क के जरिए पुडुचेरी के एक कारोबारी को अनुकूल जांच परिणाम का भरोसा दिया था।
यह गिरफ्तारी सीबीआई द्वारा आठ जून को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के निरीक्षक प्रदीप सिंह, कथित बिचौलिये राजकुमार और कारोबारी एन. राजा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी से जुड़ी है।
सीबीआई ने बताया है कि पिछले महीने एजेंसी द्वारा चलाए गए एक अभियान के दौरान सिंह, राजकुमार और पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान 25 लाख रुपये की रिश्वत की रकम, 90 लाख रुपये अतिरिक्त और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए थे।
उसके अनुसार, जांच के दौरान पता चला कि आईपीएस अधिकारी ने दावा किया था कि वह अपने व्यक्तिगत प्रभाव का इस्तेमाल कर पुडुचेरी में नकली दवाओं की बिक्री से जुड़ी सीबीआई जांच वाले मामलों में निजी व्यक्तियों को राहत दिला सकते हैं।
अधिकारियों के अनुसार, राजा इस साल की शुरुआत में दर्ज कथित नकली दवा बनाने संबंधी मामले में सीबीआई जांच का सामना कर रहे थे। उन्होंने सिंह से संपर्क किया।
इसके बाद सिंह ने एयरोसिटी स्थित अपने कार्यालय में राजा और गहलावत की मुलाकात कराई, जहां आईपीएस अधिकारी ने कथित तौर पर ‘अनुकूल जांच’ के बदले तीन करोड़ रुपये की मांग की। इसमें 1.5 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि भी शामिल थी।
भाषा शफीक नरेश
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