नई दिल्लीः MEA on Hormuz Crisis: जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में जारी तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को गहरे संकट में डाल दिया है। अमेरिका-ईरान टकराव के बीच पिछले करीब एक महीने से यह अहम समुद्री मार्ग बाधित बताया जा रहा है, जिससे दुनियाभर के देशों की चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार बिना अनुमति इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान की ओर से हमले किए जाने की आशंका जताई जा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवाजाही प्रभावित हुई है। यही कारण है कि कच्चे तेल की आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है और कई देशों में ऊर्जा संकट गहराने लगा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ब्रिटेन ने इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की बैठक बुलाई है। इसमें भारत सहित कई देशों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी इस बैठक में हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बैठक की पुष्टि करते हुए कहा कि ब्रिटेन ने कई देशों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है और भारत इसमें सक्रिय रूप से भाग ले रहा है।
MEA on Hormuz Crisis: गौरतलब है कि दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में अगर Strait of Hormuz दोबारा खुलता है तो वैश्विक ऊर्जा संकट में बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में सभी पक्षों के बीच सहमति बनाना आसान नहीं होगा। अब नजर इस अंतरराष्ट्रीय बैठक पर टिकी है कि क्या इसके जरिए कोई ठोस समाधान निकल पाता है या नहीं।
युद्ध की शुरुआत से ही ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने लगातार अपने देश को इस संघर्ष में घसीटने से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि यह हमारा युद्ध नहीं है और इसमें शामिल होना ब्रिटिश राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है। युद्ध के शुरुआती दिनों में, स्टार्मर ने ईरान पर हमले करने के लिए यूके के सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने के अमेरिका के अनुरोधों को भी ठुकरा दिया था। बाद में इस रुख में बदलाव आया और तब से ब्रिटेन ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ रक्षात्मक हमलों के लिए कुछ खास सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी। हालांकि, स्टार्मर अब भी इस बात पर जोर देते हैं कि ब्रिटेन युद्ध की स्थिति में नहीं है।
Breaking: UK has invited India to join 35 countries talk on Hormuz. Indian foreign secretary Vikram Misri attending the meeting virtually. pic.twitter.com/5DFjxGrVJ2
— Sidhant Sibal (@sidhant) April 2, 2026