क्षेत्र में शांति के लिए भारत-पाकिस्तान वार्ता आवश्यक : मीरवाइज उमर फारूक

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क्षेत्र में शांति के लिए भारत-पाकिस्तान वार्ता आवश्यक : मीरवाइज उमर फारूक

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  • Publish Date - July 1, 2026 / 09:55 PM IST,
    Updated On - July 1, 2026 / 09:55 PM IST

श्रीनगर, एक जुलाई (भाषा) कश्मीर के मुख्य धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने बुधवार को कहा कि इस क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत न केवल वांछनीय है, बल्कि आवश्यक भी है।

मीरवाइज ने कहा कि उन्होंने ‘सेंटर फ़ॉर पीस एंड प्रोग्रेस’ के अध्यक्ष ओपी शाह की ओर से तैयार किए गए एक पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसमें दोनों देशों से द्विपक्षीय बातचीत करने का आग्रह किया गया है।

पत्र पर 30 जून की तारीख अंकित है और इस पर 61 भारतीय और 55 पाकिस्तानी लोगों के हस्ताक्षर है। पत्र में कहा गया कि ‘‘मतभेदों को सुलझाने का एकमात्र व्यावहारिक रास्ता लगातार बातचीत और संवाद ही है’’।

मीरवाइज ने कहा कि उन्होंने उस पत्र पर इसलिए हस्ताक्षर किए क्योंकि उनका मानना ​​है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत न केवल वांछनीय है, बल्कि क्षेत्र में शांति और जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए जरूरी भी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से उनकी अपील है कि वे सार्थक बातचीत फिर शुरू करें, राजनयिक और लोगों के बीच के संबंध बहाल करें तथा बातचीत, समझदारी और सूझबूझ से जम्मू-कश्मीर समेत सभी लंबित मुद्दों को सुलझाएं।

इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती, रिसर्च एंड एनलिसिस विंग (रॉ) के पूर्व प्रमुख ए.एस. दुलत, राज्यसभा सदस्य मनोज झा, पूर्व राजनयिक अशरफ जहांगीर काज़ी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर, पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी शामिल हैं। इनके अलावा कई सेवानिवृत्त राजनयिकों और नागरिक समाज के सदस्यों ने भी पत्र पर हस्ताक्षर किये हैं।

भाषा धीरज अविनाश

अविनाश