नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) अंतरिक्ष मलबा हटाने से जुड़ी प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने के लिए दो भारतीय ‘स्टार्ट-अप’ ने आपस में हाथ मिलाया है। बेकार हो चुके उपग्रह जैसी मानव निर्मित चीजें अंतरिक्ष मलबे की श्रेणी में आती हैं।
बेंगलुरु आधारित अंतरिक्षयान निर्माता ‘पिक्सेल’ और हैदराबाद आधारित अंतरिक्ष स्टार्ट-अप ‘कॉस्मोसर्व’ ने मंगलवार को इस सहयोग की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि ‘कॉस्मोसर्व’ को इसके आगामी मिशन के लिए पिक्सेल द्वारा एक उपग्रह बस उपलब्ध कराई जाएगी।
उपग्रह बस किसी उपग्रह का मुख्य हिस्सा होता है जो ‘पेलोड’ को ज़रूरी सेवाएँ देता है और मिशन के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करता है।
पिक्सेल के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अवैस अहमद ने एक बयान में कहा, ‘‘पिक्सेल में, हमारा मानना है कि अंतरिक्ष तक ज़िम्मेदार पहुँच के लिए कक्षीय वातावरण की सक्रिय देखरेख ज़रूरी है। इस मिशन पर ‘कॉस्मोसर्व’ के साथ साझेदारी, अंतरिक्ष में एक टिकाऊ भविष्य बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का एक स्वाभाविक विस्तार है।’’
इस साझेदारी के तहत पिक्सेल की उपग्रह बस एक आधारभूत प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगी, जिस पर कॉस्मोसर्व मलबे को पकड़ने और हटाने वाली प्रणालियों को कक्षा में एकीकृत और प्रदर्शित करेगा।
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नेत्रपाल नरेश
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