उत्तराखंड के सभी हिस्सों में पहुंचा मानसून, पांच जिलों में बृहस्पतिवार के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’

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उत्तराखंड के सभी हिस्सों में पहुंचा मानसून, पांच जिलों में बृहस्पतिवार के लिए 'ऑरेंज अलर्ट'

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  • Publish Date - July 1, 2026 / 09:36 PM IST,
    Updated On - July 1, 2026 / 09:36 PM IST

देहरादून, एक जुलाई (भाषा) दक्षिण-पश्चिम मानसून बुधवार को उत्तराखंड के सभी हिस्सों में पहुंच गया जबकि मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार के लिए देहरादून सहित पांच जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

देहरादून मौसम केंद्र के मुताबिक, राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून ने मंगलवार को दस्तक दे दी थी और बुधवार को यह राज्य के सभी हिस्सों में पहुंच गया।

राज्य के अनेक हिस्सों में बुधवार को बारिश हुई। मौसम केंद्र के अनुसार, देहरादून में 56.0 मिलीमीटर, जौलीग्रांट में 52.5 मिलीमीटर, लक्सर में 49.0 मिलीमीटर, मसूरी में 43.0 मिलीमीटर, रुद्रप्रयाग में 32.5 मिलीमीटर, हल्द्वानी में 29.5 मिलीमीटर, पौड़ी में 28.5 मिलीमीटर, भीमताल में 25.0 मिलीमीटर, कीर्तिनगर में 23.5 मिलीमीटर, खानपुर में 23.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी।

मौसम केंद्र के अनुसार, बारिश होने से प्रदेश में तापमान में गिरावट आयी और पिछले 24 घंटे के दौरान मैदानी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से बहुत कम से लेकर सामान्य से अत्यंत कम दर्ज किए गए। मौसम केंद्र के अनुसार, देहरादून में बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से छह डिग्री कम है। इसी प्रकार पंतनगर में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम 30.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम केंद्र ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल एवं बागेश्वर जिलों में बृहस्पतिवार को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों मे कहीं-कहीं भारी बारिश के पूर्वानुमान के साथ ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है ।

पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने संबंधित जिलाधिकारियों को आवश्यक सतर्कता एवं एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, इन निर्देशों में संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी, राहत और बचाव दलों को हाई अलर्ट पर रखना तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करना शामिल है।

राज्य के आपदा प्रबंधन और पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों तथा यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से मौसम विभाग एवं प्रशासन द्वारा जारी परामर्श का पालन करने तथा किसी भी आपातस्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से तत्काल संपर्क करने की अपील की है।

भाषा दीप्ति अमित

अमित