दिल्ली में अगले दो दिनों में मानसून आने की संभावना, पांच साल में सबसे देर से होगा आगमन : आईएमडी

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दिल्ली में अगले दो दिनों में मानसून आने की संभावना, पांच साल में सबसे देर से होगा आगमन : आईएमडी

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  • Publish Date - July 1, 2026 / 09:33 PM IST,
    Updated On - July 1, 2026 / 09:33 PM IST

नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) दिल्ली में अगले दो दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून पहुंचने की संभावना है। राजधानी में मानसून का आगमन पिछले पांच वर्षों में सबसे देर से होने वाला माना जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को यह जानकारी दी।

आईएमडी ने बुधवार को कहा कि अगले दो दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।

मौसम विभाग ने बताया कि बुधवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर अरब सागर और गुजरात के अधिक हिस्सों में आगे बढ़ गया। इसके साथ ही यह पूरे दमन और दीव, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अधिक हिस्सों, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के शेष इलाकों, पूरे जम्मू-कश्मीर तथा हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों तक पहुंच गया है।

आईएमडी ने कहा, “एक जुलाई को मानसून की उत्तरी सीमा पोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, शाजापुर, नौगांव, मिर्जापुर, आजमगढ़, अयोध्या, बदायूं, मेरठ, करनाल और गुरदासपुर से होकर गुजर रही है।”

आईएमडी के अनुसार, वर्ष 2020 में दक्षिण-पश्चिम मानसून 25 जून को दिल्ली पहुंचा था और इसके एक दिन बाद 26 जून को पूरे देश में फैल गया था। वहीं, 2021 में मानसून काफी देर से आया और 13 जुलाई को दिल्ली पहुंचा। उसी दिन इसने पूरे देश को भी कवर कर लिया था।

वर्ष 2022 में मानसून 30 जून को दिल्ली पहुंचा था और दो जुलाई तक पूरे देश में फैल गया था। वर्ष 2023 में मानसून 25 जून को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचा, जबकि दो जुलाई तक पूरा देश मानसून की चपेट में आ गया था।

वर्ष 2024 में मानसून 28 जून को दिल्ली पहुंचा और दो जुलाई तक पूरे देश में फैल गया। वहीं, पिछले वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून 29 जून को दिल्ली पहुंचा था और उसी दिन उसने पूरे देश में अपनी प्रगति पूरी कर ली थी।

आईएमडी ने दिल्ली में बुधवार रात आमतौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश का अनुमान जताते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। बृहस्पतिवार को भी इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

बुधवार को सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक दिल्ली के पांचों मौसम केंद्रों में कहीं भी मापने योग्य बारिश दर्ज नहीं की गई। हालांकि, सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में सफदरजंग, पालम और आयानगर में केवल हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। रिज क्षेत्र में 0.2 मिमी बारिश हुई, जबकि लोधी रोड में बारिश दर्ज नहीं की गई।

अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस से 34.8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो आईएमडी के सभी पांच मौसम केंद्रों पर सामान्य से कम रहा।

शहर के आधार मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.6 डिग्री कम था। पालम में 33.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ, जो सामान्य से 4.2 डिग्री कम रहा, जबकि लोधी रोड में 33.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.3 डिग्री कम था।

रिज और आया नगर दोनों स्थानों पर 33.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो क्रमशः सामान्य से 3.5 डिग्री और 4.9 डिग्री कम था।

शहर में न्यूनतम तापमान अलग-अलग रहा। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री अधिक था। पालम में 26 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ, जो सामान्य से 1.8 डिग्री कम रहा, जबकि लोधी रोड में 28 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक था।

रिज क्षेत्र में सबसे कम न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम था, जबकि आया नगर में 27.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ, जो सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक था।

मानसून के संभावित आगमन से पहले नमी का स्तर लगातार बढ़ता रहा। सुबह 8:30 बजे सापेक्षिक आर्द्रता 75 प्रतिशत और शाम 5:30 बजे 62 प्रतिशत दर्ज की गई।

स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पालावत ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि मानसूनी ट्रफ (कम दबाव की रेखा) इस समय पंजाब से लेकर उत्तर बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है, जबकि मानसून उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों, उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख, और मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों में पहले ही आगे बढ़ चुका है।

पालावत ने कहा कि दो या तीन जुलाई तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तरी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों के तेज होने की उम्मीद है, और मानसून के तीन या चार जुलाई के आसपास दिल्ली और आसपास के इलाकों में पहुंचने की संभावना है।

भाषा तान्या माधव

माधव