‘एक देश, एक चुनाव’ एक बड़ा चुनावी सुधार है; रिपोर्ट सौंपने की जल्दबाजी नहीं: संयुक्त समिति के प्रमुख

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'एक देश, एक चुनाव' एक बड़ा चुनावी सुधार है; रिपोर्ट सौंपने की जल्दबाजी नहीं: संयुक्त समिति के प्रमुख

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  • Publish Date - July 1, 2026 / 08:58 PM IST,
    Updated On - July 1, 2026 / 08:58 PM IST

नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) एक साथ चुनाव कराने से जुड़े विधेयकों पर विचार-विमर्श कर रही संसद की संयुक्त समिति के अध्यक्ष ने बुधवार को कहा कि समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपने की कोई जल्दबाजी नहीं है और वह ‘एक देश, एक चुनाव’ जैसे अहम चुनावी सुधार पर सभी हितधारकों की राय सुनेगी।

राजस्थान के पाली से भाजपा सांसद और समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने एक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि सरकार इसे जल्द सौंपने के लिए दबाव बना रही है। सरकार और संसद का मानना ​​है कि सभी हितधारकों की बात सुनी जानी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि लोग और देश क्या चाहते हैं।’’

उन्होंने संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 पर दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के साथ समिति की बातचीत के बाद यह बात कही।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह विधेयक देश के हित में है, न कि किसी राजनीतिक पार्टी या सरकार के हित में।

चौधरी ने कहा कि समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपने की कोई जल्दी नहीं है और उन्होंने कहा कि वह पहले सभी संबंधित पक्षों की बात सुनेगी।

चौधरी ने कहा, ‘‘सिर्फ इसलिए इसका विरोध नहीं किया जाना चाहिए कि (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी ने यह मुद्दा अपने हाथ में लिया है। यह चुनावी सुधार का एक बड़ा कदम है। विरोध का कोई आधार होना चाहिए।’’

इससे पहले, समिति ने सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार के मंत्रियों के साथ चर्चा की।

संयुक्त समिति का यह दौरा ‘एक देश, एक चुनाव’ के प्रस्ताव पर देशव्यापी विचार-विमर्श का हिस्सा था।

समिति राज्य सरकारों, संवैधानिक अधिकारियों, राजनीतिक दलों और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत करके एक साथ चुनाव कराने के संवैधानिक, कानूनी, प्रशासनिक और चुनावी प्रभाव की पड़ताल कर रही है तथा संसद को अपनी सिफारिशें सौंपेगी।

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आजादी के शुरुआती दशकों में एक साथ चुनाव कराना आम बात थी, लेकिन राजनीतिक घटनाक्रमों और विधानसभाओं के समय से पहले भंग होने के कारण चुनाव अलग-अलग समय पर होने लगे।

भाषा सुभाष माधव

माधव