शिवकुमार ने कर्नाटक के मतदाताओं से एसआईआर प्रक्रिया पूरी कर मोबाइल नंबर अपडेट करने की अपील की

Ads

शिवकुमार ने कर्नाटक के मतदाताओं से एसआईआर प्रक्रिया पूरी कर मोबाइल नंबर अपडेट करने की अपील की

  •  
  • Publish Date - June 30, 2026 / 03:27 PM IST,
    Updated On - June 30, 2026 / 03:27 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

बेंगलुरु, 30 जून (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने मंगलवार को राज्य के मतदाताओं से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने, 29 जुलाई की निर्धारित समय-सीमा से पहले गणना प्रपत्र जमा करने और मोबाइल नंबर अपडेट कराने की अपील की, ताकि उनके मतदाता रिकॉर्ड अद्यतन बने रहें।

अपना गणना प्रपत्र जमा करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में शिवकुमार ने कहा कि एसआईआर अभियान मंगलवार से पूरे राज्य में शुरू हो गया है। इसके तहत बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर फॉर्म वितरित कर रहे हैं। उन्होंने मतदाताओं को सलाह दी कि वे इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए ऑफलाइन या ऑनलाइन, किसी भी माध्यम का उपयोग करें।

उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी को अपने मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए प्रयास करना चाहिए।’’

मुख्यमंत्री ने लोगों से निर्धारित समय के भीतर भरे हुए गणना प्रपत्र वापस जमा करने की अपील की।

उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया उनके अपने आवास से भी शुरू हो चुकी है और उन्होंने अपना गणना प्रपत्र भरकर उस पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो मतदाता ऑनलाइन फॉर्म डाउनलोड करना चाहते हैं, वे अपने मतदाता रिकॉर्ड से जुड़े मोबाइल नंबर का उपयोग कर ऐसा कर सकते हैं। जिन लोगों ने अपना मोबाइल नंबर बदल लिया है, वे चुनाव अधिकारियों की मदद से उसे अपडेट करा सकते हैं।

शिवकुमार ने कहा कि बूथ लेवल एजेंट (बीएलए), बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और पर्यवेक्षकों ने मतदाताओं की सहायता के लिए पहले ही व्हाट्सऐप समूह बना लिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि परिवार के अन्य सदस्य घर से बाहर हों, तो परिवार का कोई भी जिम्मेदार वयस्क सदस्य पूरे परिवार की ओर से गणना फॉर्म पर हस्ताक्षर कर सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई मतदाता अपनी पुरानी तस्वीर बदलना चाहता है, तो वह नयी तस्वीर जमा कर सकता है। साथ ही वह अपना मोबाइल नंबर भी अपडेट करा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधार का विवरण केवल पहचान के उद्देश्य से दर्ज किया जा सकता है।

मतदाता सूची और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को जोड़ने की संभावना पर शिवकुमार ने कहा कि कुछ राज्यों ने पहले ही ऐसे लोगों को सरकारी लाभ देना बंद कर दिया है, जो मतदाता सूची में शामिल होने के पात्र नहीं हैं। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में इसी तरह के मानदंड अन्य राज्यों में भी अपनाए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि कोई व्यक्ति अब यहां का मतदाता नहीं है, तो हम उसे गारंटी योजनाओं का लाभ क्यों देते रहें? यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे स्थान का मतदाता है, लेकिन यहां सरकारी गारंटी योजनाओं का लाभ ले रहा है, तो ऐसा नहीं होना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम यह नहीं होने दे सकते कि कोई व्यक्ति किसी दूसरे राज्य से आकर यहां भी सरकारी योजनाओं का फायदा उठाए और वहां भी लाभ ले। हमारी मंशा है कि इन योजनाओं का लाभ केवल हमारे राज्य के लोगों को ही मिले।’’

कर्नाटक में मतदाता सूची के एसआईआर के तहत घर-घर जाकर गणना का अभियान मंगलवार से शुरू हो गया।

बीएलओ 29 जुलाई तक गणना प्रपत्र वितरित करेंगे। इसके बाद पांच अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

पांच अगस्त से चार सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची सात अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।

इस बीच, कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) वी. अंबुक्कुमार ने मंगलवार से एसआईआर अभियान शुरू होने के साथ ही लोगों की आशंकाओं को दूर करने का प्रयास करते हुए कहा कि इस अभियान के तहत बीएलओ सभी पात्र मतदाताओं, यहां तक कि जिनके मतदाता रिकॉर्ड का अभी सत्यापन नहीं हुआ है, उनके घर-घर जाकर गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे।

उन्होंने लोगों से 29 जुलाई तक भरे हुए फॉर्म वापस जमा करने की अपील की।

अपने आवास पर स्वयं गणना प्रपत्र प्राप्त करने और उसे जमा करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में अंबुक्कुमार ने कहा कि पूरे राज्य में एक महीने तक चलने वाला यह अभियान शुरू हो चुका है और उन्होंने मतदाताओं से बीएलओ का सहयोग करने की अपील की।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि किसी मतदाता का रिकॉर्ड अभी तक सत्यापित नहीं हुआ है, तब भी गणना प्रपत्र उसके घर तक पहुंचाया जाएगा।’’

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि गणना चरण के दौरान मतदाताओं को कोई दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने यह भी दोहराया कि फोटो जमा करना अनिवार्य नहीं है।

भाषा

गोला अविनाश

अविनाश