Maoist Ganapathy Surrender / Image Source : X
तेलंगाना : Maoist Ganapathy Surrender केंद्र सरकार द्वारा मार्च 2026 तक देशभर से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लक्ष्य के साथ लाल आतंक के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत हाल ही में मांडवी हिड़मा के एनकाउंटर से लेकर बरसे देवा के सरेंडर तक सुरक्षाबलों को कई सफलताएं मिली हैं। इसी कड़ी में अब तेलंगाना से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जहाँ माओवादी संगठन को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगने की संभावना है। खबर है कि संगठन का सबसे वरिष्ठ सदस्य और पूर्व जनरल सेक्रेटरी गणपति उर्फ मुपल्ला लक्ष्मण राव आत्मसमर्पण कर सकता है।
पोलित ब्यूरो मेंबर मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति पिछले चार दशकों से अंडरग्राउंड रहकर माओवादी संगठन का संचालन कर रहा था। Ganapathy Maoist surrender 2026 साल 2018 में बढ़ती उम्र और गिरते स्वास्थ्य के कारण उसने महासचिव का पद छोड़ दिया था। गणपति इस वक्त संगठन का सबसे बुजुर्ग और अनुभवी नेता माना जाता है। हालांकि इस खबर की आधिकारिक पुष्टि होना अभी शेष है।
आपको बता दें कि अगर गणपति उर्फ मुपल्ला लक्ष्मण राव सरेंडर करते हैं तो यह लाल आतंक के लिए बड़ा झटका होगा। आपको बता दें, साल की शुरुआत होते ही सैकड़ों नक्सलियों के आत्मसमर्पण हुए हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में कई खूंखार नक्सली जैसे बरसे देवा शामिल हैं, वहीं सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में भी हिड़मा ( Mandavi Hidma Encounter ) जैसे कई खतरनाक नक्सलियों को मार गिराया है।
बता दें कि केंद्र सरकार देशभर से नक्सलियों को खत्म करने के लिए अभियान चला रही है। नक्सली या तो सरेंडर कर रहे हैं और जो समर्पण नहीं कर रहे हैं, अभी भी हथियार उठाए हुए हैं, तो वे सुरक्षा बलों के हाथों एनकाउंटर में ढेर हो रहे हैं। Chhattisgarh Naxal News केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए मार्च 2026 तक का लक्ष्य रखा है। यदि सरेंडर की पुष्टि होती है, तो इसे नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।