सिवनी (मध्यप्रदेश), एक जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को स्पष्ट किया कि राज्य के आदिवासी समाज को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के दायरे से बाहर रखा जाएगा।
यादव ने कहा कि प्रदेश में यूसीसी लागू करने के लिए इसी महीने विधानसभा सत्र में प्रस्ताव लाया जाएगा।
यहां जिला मुख्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय ‘धान महोत्सव’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ‘एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान’ के ध्येय को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा, ‘इसी माह प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए प्रस्ताव लाया जाएगा। प्रदेश के जनजातीय बंधुओं को यूसीसी के दायरे से पृथक रखा जाएगा।’
यादव ने कहा कि प्रदेश में 10 लाख से अधिक लोगों ने राज्य सरकार के यूसीसी प्रस्ताव का समर्थन किया है जबकि मात्र 50-60 हजार लोगों ने विरोध किया है। उन्होंने कहा, ‘हम तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई से होगी और यह 24 जुलाई तक प्रस्तावित है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने राज्य में यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति गठित की थी।
समिति जल्द ही इस मसौदे को अंतिम रूप देने वाली है। समिति ने सभी हितधारकों के मौखिक और लिखित सुझाव लिये हैं, जिसमें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, धर्मगुरु, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न आयोगों के सदस्य शामिल हैं।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा था कि यूसीसी में आदिवासी समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों, सांस्कृतिक पहचान और संविधान द्वारा प्रदत्त विशेष अधिकारों की सुरक्षा किस प्रकार सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री यादव ने सिवनी में आयोजित कार्यक्रम में यह घोषणा भी की कि राज्य सरकार किसानों को अब धान की फसल पर भी भावांतर योजना का लाभ देगी। उन्होंने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और बाजार मूल्य के बीच के अंतर की राशि का भुगतान करेगी।
मध्यप्रदेश सरकार अभी तक सोयाबीन किसानों को भावांतर योजना का लाभ देती है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री यादव ने रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना अंतर्गत प्रदेश के 3 हजार 941 किसानों के खातों में 1 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से कोदो-कुटकी के बोनस के रूप में 2 करोड़ 84 लाख रुपये अंतरित किए।
उन्होंने मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना अंतर्गत प्रदेश के 16 हजार 754 से अधिक श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। उन्होंने साथ ही 494 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से जिले में 629 विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी किया।
यादव ने कहा कि महाकौशल की धरती धान उत्पादन के लिए जग प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि शेर की दहाड़ और सतपुड़ा के पहाड़ और अब यहां की छत्रिय धान इस क्षेत्र की बड़ी पहचान है।
उन्होंने कहा, ‘छत्रिय धान को अब भौगोलिक संकेतक टैग (जीआई टैग) मिल गया है। यह हमारी देशज और पारंपरिक कृषि का वैश्विक सम्मान है।’
भाषा सं ब्रजेन्द्र अमित
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