बस्ती (उप्र), 31 मार्च (भाषा) निजी जीवन में लंबे समय तक तनाव और वैवाहिक कलह से जूझने के बाद जब 25 वर्षीय जोगेश की ‘‘तलाक की मन्नत’’ पूरी हुई तो उसने नौ किलोमीटर की ‘दंडवत यात्रा’ कर भगवान को धन्यवाद किया।
यह मामला जिले के सोनहा थाना क्षेत्र के नरखोरिया गांव का है, जहां जोगेश ने अपनी पत्नी से अलग होने की कामना को लेकर सिद्ध पीठ बैरवा समय माता मंदिर में प्रार्थना की थी।
जोगेश ने बताया कि उसकी शादी 2022 में हुई थी और तभी से वह वैवाहिक कलह से जूझ रहा था।
उन्होंने मन्नत मांगी थी कि यदि तलाक हो गया तो वह ‘दंडवत यात्रा’ कर मंदिर पहुंचेंगे। जोगेश ने दावा किया कि उसकी यह मन्नत 2025 में पूरी हुई।
जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 125 (पूर्व में सीआरपीसी की धारा 144) के तहत निषेधाज्ञा लागू होने के मद्देनजर जोगेश ने अनुष्ठान के लिए स्थानीय प्रशासन से अनुमति मांगी थी।
उपजिलाधिकारी (भानपुर) हिमांशु कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए उसके गांव से मंदिर तक नौ किलोमीटर की यात्रा की अनुमति दी।
थाना प्रभारी महेश सिंह ने कहा, “28 मार्च को आयोजित इस यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।”
जोगेश ने शनिवार सुबह बिना भोजन और पानी ग्रहण किए यात्रा शुरू की और करीब 12 घंटे में इसे पूरा किया। इस दौरान उसके परिजन और ग्रामीण भी उसके साथ रहे।
नरखोरिया निवासी जोगेश दिल्ली में पीओपी (इंटीरियर डिजाइन) क्षेत्र में काम करता है। उन्होंने बताया कि शादी के बाद वह अपनी पत्नी को दिल्ली ले गए थे लेकिन कम आय व काम का समय निर्धारित नहीं होने को लेकर अक्सर विवाद होते थे, जिससे वह तनाव में रहने लगा था।
जोगेश ने कहा, “कठिन समय में लिया गया संकल्प ही इस दंडवत यात्रा की प्रेरणा बना।”
भाषा सं जफर खारी
खारी