जयपुर, 31 मार्च (भाषा) रेल मंत्रालय ने राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में तीन महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं पर काम शुरू किया। अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं के मूर्त रूप लेने से इस रेगिस्तानी राज्य के सीमावर्ती इलाकों में न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि यहां आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।
रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल नेटवर्क को और सुदृढ़ करने के लिए राजस्थान में बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर क्षेत्रों में नयी रेल लाइनें बिछाने के प्रस्तावों पर काम चल रहा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार प्रस्तावित तीन रेल लाइनों में अनूपगढ़-खाजूवाला, जैसलमेर-बाड़मेर-भीलड़ी तथा खाजूवाला-जैसलमेर रेल लाइन शामिल है।
पाकिस्तान की सीमा से सटे अनूपगढ़ कस्बे और ऐतिहासिक बीकानेर शहर को रेल संपर्क से जोड़ने के लिए 187 किलोमीटर लंबी नयी रेल लाइन के 2277 करोड़ रुपये के काम के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बन चुकी है और यह मंजूरी के आगामी चरण में है।
इसी तरह सीमावर्ती इलाके में जैसलमेर-भाभर/भीलड़ी वाया बाड़मेर नयी रेल लाइन की लंबाई 380 किलोमीटर होगी। जबकि खाजूवाला-जैसलमेर प्रस्तावित रेल लाइन की लंबाई 260 किलोमीटर होगी। इन दोनों के लिए ‘फाइनल लोकेशन सर्वे’ का काम चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान के बीकानेर, जैसलमेर व गंगानगर के सीमावर्ती इलाके अब भी आवागमन के लिए मुख्य रूप से सड़क मार्ग पर निर्भर हैं। यहां रेल लाइन बिछाने की मांग लंबे समय से की जा रही है।
अमित सुदर्शन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा,‘‘इन प्रस्तावित परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दूरदराज के क्षेत्रों में रेलवे नेटवर्क और भी मजबूत होगा। राज्य के बाकी हिस्सों के साथ-साथ पूरे देश से इनकी कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा।’’
उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में रेलवे नेटवर्क का विकास न केवल मौजूदा आर्थिक गतिविधियों को बल देता है, बल्कि नए अवसर भी पैदा करता है जिससे समग्र विकास और प्रगति की गति तेज होती है।
उल्लेखनीय है कि रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले दिनों रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों (2026-27) पर संसद में हुई चर्चा का जवाब देते हुए भी उक्त परियोजनाओं का जिक्र किया था। उन्होंने सीमावर्ती और सामरिक क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी पर दिए जा रहे विशेष जोर को रेखांकित किया।
अनूपगढ़-खाजूवाला, जैसलमेर-बाड़मेर-भीलड़ी तथा खाजूवाला-जैसलमेर नई रेल लाइन परियोजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में संपर्क को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जो सैन्य परिवहन और क्षेत्रीय विकास दोनों को बढ़ावा देंगी।
भाषा पृथ्वी
मनीषा संतोष
संतोष