The Taj Story / Image Source: Instagram / @thetajstorymovie
The Taj Story: परेश रावल की फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है। याचिका में फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की गई थी, लेकिन कोर्ट ने बुधवार को साफ कहा कि अभी इसकी जरूरत नहीं है। इससे परेश रावल को राहत मिली है। आइये जानते हैं क्या है पूरा मामला।
याचिका में फिल्म की रिलीज को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता का कहना है कि ये फिल्म ताजमहल के बारे में गलत थ्योरी फैलाती है और सांप्रदायिक सौहार्द को खतरे में डाल सकती है। हाईकोर्ट ने कहा कि फिल्म को सर्टिफिकेट देने वाले CBFC के फैसले और फिल्म की रिलीज पर तुरंत सुनवाई की कोई जरुरत नहीं है।
याचिकाकर्ता वकील शकील अब्बास ने कोर्ट से फिल्म की रिलीज रोकने औरसेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन का सर्टिफिकेट रद्द करने की मांग की। उनका कहना था कि फिल्म इतिहास को गलत तरीके से पेश करती है और इससे समुदायों के बीच तनाव बढ़ सकता है। याचिका में ये भी कहा गया कि फिल्म एक विवादित थ्योरी को फिर से दिखा रही है जिसमें दावा किया गया है कि ताजमहल असल में एक हिंदू मंदिर था। इसे कई इतिहासकारों और विद्वानों ने खारिज कर दिया है।
याचिकाकर्ता ने चेतावनी दी कि फिल्म में गलत और भ्रामक जानकारी है जो राजनीतिक एजेंडे को बढ़ावा देती है। उन्होंने CBFC से फिल्म की फिर से समीक्षा करने, डिस्क्लेमर जोड़ने और आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने का अनुरोध किया। फिल्म 31अक्टूबर को रिलीज होगी।